Vinesh Phogat doping case: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. नंदिनी नगर स्टेडियम स्थित WFI ट्रेनिंग सेंटर पहुंचने पर उन्हें सेंटर बंद मिला. विनेश ने कहा कि उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका, लेकिन कम से कम उन्हें ट्रेनिंग करने की अनुमति मिलनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाया कि सेंटर उनके आने के बाद बंद किया गया या पहले से ही बंद था.
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इस बीच इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने विनेश को डोप टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं रहने पर नोटिस जारी किया है. ITA के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में निर्धारित डोप टेस्ट के दौरान विनेश अपने बताए गए पते पर मौजूद नहीं थीं. 4 मई को जारी नोटिस में इसे पिछले एक साल में उनका पहला “वेयरअबाउट्स” उल्लंघन माना गया. एजेंसी ने उनसे 7 मई तक जवाब मांगा था, जिसका जवाब विनेश दाखिल कर चुकी हैं.
हालांकि, वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के नियमों के मुताबिक किसी खिलाड़ी पर सीधे बैन नहीं लगाया जाता. नियम कहते हैं कि 12 महीने के भीतर तीन बार टेस्ट मिस करने या गलत लोकेशन जानकारी देने पर ही अधिकतम दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है. ऐसे में पहला उल्लंघन केवल चेतावनी और रिकॉर्ड का हिस्सा माना जाता है. यही वजह है कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. खेल जगत में चर्चा है कि जब अंतरराष्ट्रीय नियम तीन उल्लंघनों के बाद कार्रवाई की बात करते हैं, तब पहली ही घटना में विनेश पर इतनी सख्त कार्रवाई क्यों की गई.
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