Jewar Airport Ticket Booking: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अब आधिकारिक तौर पर उड़ान भरने के लिए तैयार है. ताजा अपडेट के अनुसार, इंडिगो (IndiGo) एयरलाइन आज शाम से इस एयरपोर्ट के लिए टिकटों की बिक्री शुरू कर देगी. एयरपोर्ट का आधिकारिक कोड 'DXN' अब इंडिगो के सिस्टम पर दिखने लगा है, जो इस बात का संकेत है कि अब यात्रियों का सपना हकीकत बनने जा रहा है.
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पहली फ्लाइट- लखनऊ से नोएडा का सफर
सूत्रों के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली कमर्शियल फ्लाइट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आएगी.
15 जून को लखनऊ एयरपोर्ट से पहली फ्लाइट उड़ान भरेगी और जेवर (NIA) में लैंड करेगी. शुरुआत में लखनऊ के साथ-साथ अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी धीरे-धीरे सेवाएं शुरू की जाएंगी. आपको बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि यह भारत के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हो रही पहली फ्लाइट के शेड्यूल और किराए की जानकारी सामने आ गई है. लखनऊ से जेवर (DXN) के लिए पहली फ्लाइट सुबह 07:05 बजे उड़ान भरेगी और ठीक 1 घंटे के सफर के बाद सुबह 08:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगी, जिसके लिए शुरुआती किराया 10,322 रुपये तय किया गया है. वहीं, वापसी में नोएडा (DXN) से लखनऊ के लिए फ्लाइट शाम 06:55 (18:55) बजे रवाना होगी और 1 घंटे 05 मिनट की उड़ान के बाद रात 08:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी, जिसका शुरुआती किराया 10,861 रुपये रखा गया है.
'एशिया का सबसे बड़ा' एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है. जेवर में करीब 5000 हेक्टेयर (लगभग 12,350 एकड़) से अधिक जमीन पर फैला हुआ है.
कितनी है निर्माण लागत?
इस मेगा प्रोजेक्ट को 'ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी' द्वारा विकसित किया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 30,000 करोड़ रुपये है. पहले चरण के निर्माण में लगभग 4,500 से 5,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें एक रनवे और एक टर्मिनल तैयार किया गया है.
कब शुरू हुआ निर्माण?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को किया था. तब से इसका काम युद्ध स्तर पर चल रहा था और अब 2026 में यह कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए पूरी तरह तैयार है.
कितनी है क्षमता और क्या है भविष्य की योजना?
शुरुआती क्षमता: पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा.
- अंततः क्षमता: साल 2040-50 तक इसके सभी चरणों के पूरा होने पर, यह सालाना 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखेगा.
- रनवे: वर्तमान में एक रनवे तैयार है, लेकिन भविष्य में यहाँ कुल 6 रनवे बनाने की योजना है, जो इसे भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट बना देगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के ट्रैफिक से राहत मिलेगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिलेगी.
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