Bareilly Panchayat News: बरेली के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने और कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. नए वित्तीय वर्ष से सभी पंचायत सचिवालयों में ऑनलाइन बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है. इस व्यवस्था के लागू होने से कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगेगी और ग्रामीणों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी.
ADVERTISEMENT
ग्रामीणों के काम समय पर नहीं हो पाते थे
ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पंचायत सचिवालय समय पर नहीं खुलते और कर्मचारी अपनी सुविधा अनुसार ड्यूटी पर आते-जाते हैं. जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक पहुंची शिकायतों में बताया गया कि सचिवालयों के देर से खुलने के कारण ग्रामीणों के काम समय पर नहीं हो पाते थे. इसके अलावा कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति के चलते आय, जाति, मूल निवास, खसरा-खतौनी सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के आवेदन लंबित पड़े रहते थे. निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण कर्मचारियों की लापरवाही बढ़ती जा रही थी.
तहसीलों और ब्लॉकों में भीड़ कम होने की उम्मीद
सरकार द्वारा पंचायत सचिवालयों को ग्रामीणों के लिए सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. यहां आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं, राशन कार्ड, खसरा-खतौनी और अन्य सरकारी योजनाओं के आवेदन किए जाते हैं. कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने से ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब बायोमेट्रिक हाजिरी से कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी सीधे विकास भवन स्तर से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और काम में तेजी आएगी. सरकार की इस पहल से तहसीलों और ब्लॉकों में भीड़ कम होने की उम्मीद है.साथ ही ग्रामीणों को उनके गांव में ही समयबद्ध तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा.
ADVERTISEMENT









