Raebareli News: "बाबू मैं आ रहा हूं..." यह वे आखिरी शब्द थे, जो 32 वर्षीय मोहन के मुंह से निकले और इसके बाद रह गई तो बस जामुन के पेड़ से लटकती उसकी लाश. प्यार की ऐसी दीवानगी जिसे सुनकर गांव वालों की रूह कांप गई. बछरांवा थाना क्षेत्र के शिवपुरी मजरे कुंडौली गांव में एक युवक ने अपनी पत्नी के वियोग में खुदकुशी कर ली. दो साल पहले पत्नी क्या गई, मोहन की दुनिया ही उजड़ गई. वह दिन-रात बस अपनी पत्नी की यादों में डूबा रहता था.
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ग्रामीणों के मुताबिक, घुइयादीन का बेटा मोहन (32) अपनी पत्नी की मौत के बाद से ही गहरे सदमे में था. पत्नी के जाने का दुख उससे सहन नहीं हो रहा था. गम को भुलाने के लिए उसने शराब का सहारा लिया और देखते ही देखते वह नशे का आदी हो गया. नशे की हालत में वह अक्सर अपनी दिवंगत पत्नी को उसके काल्पनिक नाम 'बाबू' से पुकारता था और रोता रहता था.
दर्दनाक अंत: पेड़ पर चढ़कर बोला- 'बाबू आ रहा हूं'
शुक्रवार की रात भी वही मंजर था, लेकिन अंत बेहद खौफनाक. चश्मदीदों की मानें तो मोहन नशे में धुत्त होकर गांव के बाहर जामुन के पेड़ के पास पहुंचा. वह बार-बार चीखकर कह रहा था, "बाबू मैं आ रहा हूं...". इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपने अंगोछे का फंदा बनाया और पेड़ की डाल से झूल गया.
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
जैसे ही परिजनों और ग्रामीणों को खबर मिली, कोहराम मच गया. आनन-फानन में लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मोहन की सांसें थम चुकी थीं. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर कब्जे में लिया. बछरांवा पुलिस के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्राथमिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग (पत्नी की याद) और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का लग रहा है. विधिक कार्यवाही की जा रही है.
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