बाराबंकी में रात में घर के बाहर चैन से सो रहा था परिवार, अचानक हुआ कुछ ऐसा कि थोड़ी ही देर में बिछ गया लाशों का ढेर

Barabanki Dumper Accident: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. फतेहपुर थाना क्षेत्र के झांसा गांव में बिजली न होने की वजह से एक परिवार घर के बाहर सो रहा था.

Barabanki Dumper Accident News

सैयद रेहान मुस्तफा

23 May 2026 (अपडेटेड: 23 May 2026, 09:42 AM)

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Barabanki Dumper Accident: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. फतेहपुर थाना क्षेत्र के झांसा गांव में बिजली न होने की वजह से एक परिवार घर के बाहर सो रहा था. इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर पहले पेड़ से टकराया और फिर सो रहे परिवार के ऊपर चढ़ गया. हादसे में पिता समेत तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है. यह हादसा फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग स्थित झांसा गांव में रात करीब दो बजे हुआ. गांव में देर रात बिजली नहीं थी. गर्मी से परेशान होकर 35 वर्षीय नीरज अपनी पत्नी आरती और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर सो रहे थे. तभी तेज रफ्तार डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे लगे पेड़ से टकराने के बाद सीधे परिवार के ऊपर चढ़ गया.

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पिता और तीन बच्चों की गई जान

हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई. आसपास के लोग आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. हादसे में नीरज और उनके 13 वर्षीय बेटे अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 10 वर्षीय अंशिका और 6 वर्षीय आंशू को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मृतक की पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.

लखनऊ रेफर की गई महिला

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, दो बच्चों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी. आरती की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और चालक की तलाश की जा रही है.

मेहनत से परिवार चला रहे थे नीरज

ग्रामीणों के अनुसार, नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन वह अपने बच्चों को बेहतर जीवन देने के लिए लगातार मेहनत करते थे. इस हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और पूरे इलाके में शोक की लहर है.