प्रॉक्सी सर्वर से लीक होता था SSC परीक्षा का पेपर, UP STF ने ग्रेटर नोएडा से मास्टरमाइंड समेत 7 को दबोचा, ऐसे चलता था खेल

अरविंद ओझा

23 May 2026 (अपडेटेड: 18 Jul 2026, 10:24 PM)

Online Cheating Racket News:  उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने SSC की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है. यह गिरोह कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CAPF, SSF कांस्टेबल जीडी और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था.

ssc exam scam, up stf action, proxy server gang, greater noida raid, online cheating racket, constable gd exam, balaji digital zone, electronic devices recovered, ssc gd fraud, paper leak network

ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाला गिरोह

Google CTA

SSC Exam Scam News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने SSC की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है. यह गिरोह कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CAPF, SSF कांस्टेबल जीडी और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था. STF ने ग्रेटर नोएडा से इस रैकेट के मास्टरमाइंड समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

यह भी पढ़ें...

गुप्त सूचना के बाद STF ने शुरू की जांच

STF को लगातार जानकारी मिल रही थी कि कुछ लोग ऑनलाइन परीक्षाओं में हाईटेक तकनीक के जरिए गड़बड़ी कर रहे हैं. इसके बाद STF की नोएडा यूनिट ने मामले की गुप्त जांच शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में स्थित बालाजी डिजिटल ज़ोन नाम के परीक्षा केंद्र पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था.

मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

22 मई को STF की टीम ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा और मौके से मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किया.

प्रॉक्सी सर्वर के जरिए बाहर भेजा जाता था पेपर

जांच में सामने आया कि यह गिरोह ऑनलाइन परीक्षा सिस्टम को सीधे हैक नहीं करता था. आरोपी कंपनी के सर्वर को बायपास कर 'प्रॉक्सी सर्वर' लगाते थे. इसके बाद 'स्क्रीन शेयरिंग व्यूअर एप्लिकेशन' की मदद से परीक्षा का पेपर बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाया जाता था. फिर सॉल्वर सवाल हल करके अभ्यर्थियों तक जवाब पहुंचाते थे. जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान लंबे समय से इस काम में शामिल था. उसने बालाजी डिजिटल ज़ोन नाम से परीक्षा केंद्र बनाया था, जहां एडुक्विटी कंपनी के माध्यम से SSC की ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही थी, जबकि आरोपी अरुण कुमार तकनीकी काम और प्रॉक्सी सर्वर लगाने की जिम्मेदारी संभालता था.