सोनम वांगचुक को ऐसे उठाकर गलती कर गई पुलिस? भड़के विपक्ष ने अब खोल दिया मोर्चा

यूपी तक

• 12:50 PM • 18 Jul 2026

Sonam Wangchuk Protest Update: जंतर-मंतर पर 21 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई. कार्रवाई के दौरान छात्रों से झड़प हुई. विपक्ष ने लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया. जबकि पुलिस ने हाईकोर्ट और डॉक्टरों की सलाह का हवाला दिया.

Sonam Wangchuk Protest Update

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Sonam Wangchuk Protest Update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचा दिया. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई. घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. विपक्षी दलों ने सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है. जबकि पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई.

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जंतर-मंतर पर अचानक पहुंची पुलिस, मचा हंगामा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार को अचानक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी जंतर-मंतर पहुंचे. फिर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. इस दौरान धरना स्थल पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने विरोध किया जिसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का विरोध करते और नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं.

अभिजीत दीपके के गंभीर आरोप

छात्र नेता अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 60 साल के सोनम वांगचुक के साथ पुलिस ने गाली-गलौज की और उन्हें जबरन घसीटते हुए वहां से ले गई.

अभिजीत का आरोप है कि जब वह जंतर-मंतर पहुंच रहे थे तो पुलिस ने उन्हें भी रोक लिया. उनके साथ मारपीट की, सड़क पर घसीटा और कुछ समय के लिए हिरासत में रखा. उनका यह भी दावा है कि कई प्रदर्शनकारी छात्रों के मोबाइल फोन छीन लिए गए और छात्र-छात्राओं के साथ बदसलूकी की गई. उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और देशभर के लोगों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अपील की.

विपक्ष ने खोला मोर्चा

सोनम वांगचुक को इस तरह से हटाए जाने के बाज समाजवादी पार्टी और देश के प्रमुख विचारकों ने सरकार को आड़े हाथों लिया है. समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा 'पहले भाजपा सरकार ने सोनम वांगचुक पर भाजपाइयों से हमला करवाया और जब वे नहीं डरे, तो पुलिस के दम पर उन्हें जबरन उठवा लिया. भाजपा सरकार तानाशाही की हर सीमा को पार कर युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है.' वहीं लक्ष्मण यादव ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'यह सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है.किसी भी परिपक्व सरकार की पहचान उसकी आलोचना सुनने की क्षमता से होती है, न कि विरोध की आवाज को बलपूर्वक दबाने से.'

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया. पुलिस के अनुसार, सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार खराब हो रही थी. पुलिस का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व निर्देशों के अनुसार सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से उनकी मेडिकल जांच कर रहे थे. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की, जिससे हल्की झड़प जैसी स्थिति बनी. हालांकि पुलिस का दावा है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और संयम के साथ की गई.

क्या हैं सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगें?

सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे थे.  इसके पीछे उनकी कुछ मांगे हैं.

1.प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच.

2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग.

3.नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार.