आखिरी सांस तक ज्योति से प्यार करता रहूंगा... ADM पत्नी के लिए आलोक मौर्य ने इमोशनल होकर कही दिल की बात

Alok Maurya Still Love ADM Jyoti: आलोक मौर्य ने यूपी Tak से बातचीत में ADM ज्योति मौर्य संग रिश्ते, प्यार और विवादों पर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा कि आज भी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं. साथ ही पुरुष आयोग, राजनीति और परिवार बचाने को लेकर भी खुलकर बोले.

Alok Maurya Still Love ADM Jyoti

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Alok Maurya Still Love ADM Jyoti: साल 2023 में कैमरे के सामने आंसू बहाते और अपनी ADM पत्नी ज्योति मौर्य पर धोखा देने का आरोप लगाते जिस शख्स को पूरी दुनिया ने देखा था वह आलोक मौर्य एक बार फिर चर्चा में हैं. लंबे समय तक सोशल मीडिया की लाइमलाइट से दूर रहने के बाद आलोक मौर्य अब अपनी समाज सेवा और राजनीति में कदम रखने की हलचलों को लेकर सामने आए हैं. 'यूपी Tak' से खास बातचीत में आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी ज्योति मौर्य को लेकर एक चौंकाने वाला और इमोशनल खुलासा किया है. आलोक मौर्य ने बताया कि तमाम विवादों, अदालती लड़ाइयों और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बावजूद वह आज भी अपनी पत्नी ज्योति मौर्य से बेहद प्यार करते हैं और आखिरी सांस तक करते रहेंगे. 

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'भुलाना बहुत मुश्किल है'

इंटरव्यू के दौरान जब आलोक से पूछा गया कि क्या वह इतने वक्त के बाद अपनी पत्नी को भूल पाए हैं तो उन्होंने इमोशनल होकर कहा कि 'इंसान जिससे सच्चा प्यार करता है, उसे भूल ही नहीं पाता है. हमारा 14 साल का साथ रहा है, बच्चे हैं. मैं दिनभर अपने सामाजिक काम और ड्यूटी में व्यस्त रहता हूं, लेकिन जब रात को बेड पर लेटता हूं तो वह बातें और पुराना खूबसूरत सफर याद आने लगता है. कोई किसी को चाहकर भी नहीं भूल सकता. विवाद हर पति-पत्नी में होते हैं, हमारे में थोड़े ज्यादा हो गए... लेकिन मैं उनसे आज भी प्यार करता हूं और अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा.'

आलोक ने यह भी बताया कि शुरुआती दौर में उनके बीच बहुत गहरा प्यार था और उनके आंसू सिर्फ इसलिए निकले क्योंकि उनका बेहद करीबी रिश्ता टूट रहा था. फिलहाल प्रयागराज की पारिवारिक अदालत में दोनों के बीच मीडिएशन चल रही है.

सफाई कर्मी की नौकरी और पत्नी को पढ़ाने का स्ट्रगल

पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी के सपनों को पूरा करने के संघर्ष पर भी बात की. उन्होंने कहा कि साल 2010 में शादी के बाद जब उनके पिता ने ज्योति से आगे की इच्छा पूछी, तो ज्योति ने पढ़ने की इच्छा जताई. उस दौर में ग्रामीण पृष्ठभूमि और संयुक्त परिवार होने के बावजूद आलोक के माता-पिता ने बहू को आगे बढ़ाने का फैसला किया और अगले ही दिन प्रयागराज तैयारी के लिए भेज दिया. आलोक ने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी को पूरा सहयोग दिया, मनोबल बढ़ाया और तैयारी के दौरान खुद खाना बनाने से लेकर झाड़ू-पोछा तक किया.

बड़ी गाड़ियों और महंगे फोन का सच

आजकल सोशल मीडिया पर आलोक मौर्य के काफिले, बड़ी गाड़ियों और महंगे फोन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'मेरे पास अपने नाम पर न कोई गाड़ी है, न घर है. मैं आज भी किराए के मकान में रहता हूं और मेरे अकाउंट में सिर्फ दो-चार हजार रुपये ही मिलेंगे. यह सब मेरे साथ जुड़े युवाओं और शुभचिंतकों का प्यार है. किसी ने चंदा लगाकर मोबाइल दिया है तो किसी ने क्षेत्र में चलने के लिए गाड़ियां और ड्राइवर दिए हैं. पिछले 28 दिनों में हमारे सोशल मीडिया चैनल पर 80 मिलियन व्यूज आए हैं, जो युवाओं के जुड़ाव को दर्शाता है.'

राजनीति में आने के सवाल पर आलोक ने साफ किया कि अगर उन्हें कोई अच्छा और मजबूत प्लेटफॉर्म मिलता है तो वह अपने युवाओं की इच्छा का मान रखते हुए राजनीति में जरूर कदम बढ़ाएंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन की तारीफ करते हुए कहा कि युवाओं को राजनीति में आना ही चाहिए.

'देश में पुरुष आयोग का गठन बेहद जरूरी'

आलोक मौर्य इन दिनों देश में 'पुरुष आयोग' के गठन की मांग को लेकर काफी सक्रिय हैं और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है. अपनी इस मांग को लेकर उन्होंने तर्क दिया कि 'आजकल पुरुषों के पास अपनी बात कहने का कोई प्लेटफॉर्म नहीं है. पारिवारिक विवादों के कारण कई बड़े पदों पर बैठे लोग, जैसे हाल ही में दिल्ली के न्यायाधीश या प्रतापगढ़ के पीसीएस अधिकारी, अवसाद में आकर गलत कदम उठा लेते हैं. महिलाओं के लिए मायका, पुलिस, कोर्ट और महिला आयोग जैसी जगहें हैं. लेकिन पुरुषों की सुनवाई कहीं नहीं होती. जब पुरुष आयोग जैसी कोई संस्था होगी तो पुरुषों को लगेगा कि कोई उनकी बात सुनने वाला है, जिससे लोग आत्मघाती कदम उठाने से बचेंगे.'

'रिश्तों को वक्त दें, बच्चों को बीच में न लाएं'

आलोक मौर्य ने 'यूपी Tak' के माध्यम से युवाओं और विवादों से जूझ रहे दंपतियों से अपील की कि वे अपने अहंकार को छोड़कर बातचीत के जरिए रिश्तों को बचाएं. उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया और मोबाइल की वजह से पति-पत्नी एक-दूसरे को समय नहीं दे पा रहे हैं जो विवाद की बड़ी वजह है. साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि माता-पिता के झगड़े में बच्चों को मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए और बच्चों को माता व पिता दोनों का प्यार मिलना चाहिए. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि वह अब तक काउंसलिंग के जरिए हजारों टूटते हुए परिवारों को दोबारा जोड़ चुके हैं.