क्या टोल के 20KM के दायरे में रहने वालों को भी देने पड़ेंगे पैसे? जानिए क्या कहता है NHAI का नियम

आयशा शेख़

• 01:01 PM • 05 Oct 2026

उत्तर प्रदेश में टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोगों के लिए सिर्फ आधार कार्ड या कोई दूसरी आईडी दिखाकर टोल फ्री निकलने का सामान्य नियम नहीं है. पात्र स्थानीय निवासियों को नियमों के तहत लोकल मंथली पास से टोल शुल्क में रियायत मिल सकती है. 20 किलोमीटर के दायरे में रहने मात्र से मुफ्त यात्रा का अधिकार नहीं मिलता.

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उत्तर प्रदेश में अगर आपका रोज का सफर एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे से होता है, तो टोल प्लाजा आपके रास्ते का हिस्सा जरूर होगा. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसे व्यस्त रूटों पर रोज बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. ऐसे में टोल को लेकर एक सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है- अगर घर टोल प्लाजा के पास है तो क्या सिर्फ आधार कार्ड या कोई दूसरी आईडी दिखाकर टोल दिए बिना निकल सकते हैं?

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इसका जवाब है नहीं. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस धारणा को गलत बताया है. NHAI ने साफ किया है कि किसी टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर मुफ्त यात्रा करने का कोई सामान्य प्रावधान नहीं है.

फिर स्थानीय लोगों को क्या फायदा मिलता है?

टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र स्थानीय निवासियों के लिए लोकल मंथली पास की सुविधा होती है. पास बनवाकर निर्धारित शर्तों के तहत टोल शुल्क में रियायत का लाभ लिया जा सकता है. लागू नियमों के मुताबिक, आम तौर पर टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासी इस सुविधा के लिए पात्र हो सकते हैं.

क्या 20 किलोमीटर के अंदर रहने वाला हर व्यक्ति फ्री में जाएगा?

नहीं... यहां एक जरूरी अंतर समझना चाहिए. 20 किलोमीटर के दायरे में रहना अपने आप मुफ्त यात्रा का अधिकार नहीं देता. स्थानीय निवासियों के लिए मिलने वाली रियायत संबंधित टोल प्लाजा पर लागू नियमों और शर्तों के आधार पर होती है.

अगर आपका घर यूपी में किसी टोल प्लाजा से 10 या 15 किलोमीटर दूर है तो केवल अपना पहचान पत्र दिखाकर टोल बैरियर से मुफ्त निकलने की सुविधा नहीं मिल जाती. आपको पात्रता और संबंधित नियमों के मुताबिक लोकल मंथली पास लेना होगा.

आईडी कार्ड लेकर टोल पर पहुंच गए तो?

सिर्फ पहचान पत्र दिखाने से टोल माफ नहीं होगा. स्थानीय निवासियों को मिलने वाली सुविधा पास के जरिए मिलती है, न कि केवल किसी आईडी कार्ड के आधार पर. NHAI ने जानकारी इसलिए साझा की है ताकि वाहन चालकों के बीच टोल नियमों को लेकर बनी गलतफहमी दूर हो सके. खासकर यूपी जैसे राज्यों में, जहां रोज बड़ी संख्या में लोग एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे से शहरों और जिलों के बीच सफर करते हैं.

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