बारांबकी में शिवमोहन के सिंलेंडर मांग पर गुस्सा हुए SDM साहब, सुनाया ऐसा आदेश की उड़ गए सबके होश

सैयद रेहान मुस्तफा

13 May 2026 (अपडेटेड: 18 Jul 2026, 10:21 PM)

UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से अफसरशाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. रामनगर तहसील में अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर मांगने पहुंचे युवक को मदद मिलने के बजाय पुलिस के हवाले कर दिया गया.

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UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से अफसरशाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. रामनगर तहसील में अपनी भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर मांगने पहुंचे युवक को मदद मिलने के बजाय पुलिस के हवाले कर दिया गया.
आरोप है कि एसडीएम आनंद तिवारी ने युवक की बात सुनते ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश दे दिया. हालांकि, कुछ घंटों बाद पुलिस ने युवक को छोड़ दिया, लेकिन उसे गैस सिलेंडर नहीं मिल सका. रामनगर क्षेत्र के बढ़नपुरवा गांव निवासी शिवमोहन की भतीजी अनीता की बुधवार को शादी थी. घर में बारात आने वाली थी, लेकिन रसोई के लिए गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था. शिवमोहन ने श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था और उसे DAC नंबर भी मिल चुका था. इसके बावजूद एजेंसी की ओर से करीब एक हफ्ते तक सिलेंडर नहीं दिया गया.

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फरियाद लेकर पहुंचा था तहसील

शिवमोहन लगातार चक्कर लगाने के बाद परेशान मंगलवार को अपनी समस्या लेकर रामनगर तहसील पहुंचा. पीड़ित के मुताबिक, जैसे ही एसडीएम आनंद तिवारी अपनी गाड़ी से उतरे, उसने गैस सिलेंडर नहीं मिलने की बात बतानी शुरू कर दी. आरोप है कि बात सुनते ही एसडीएम नाराज हो गए और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को युवक को पकड़ने का आदेश दे दिया.

पुलिस पकड़कर ले गई थाने

एसडीएम के निर्देश पर पुलिस शिवमोहन को पकड़कर थाने ले गई. शादी वाले घर में यह खबर पहुंचते ही हड़कंप मच गया. परिवार के लोग परेशान हो गए क्योंकि घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. करीब दो घंटे बाद पुलिस ने शिवमोहन को छोड़ दिया, लेकिन उसकी समस्या जस की तस बनी रही. पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी के दिन भी गैस सिलेंडर नहीं मिल सका, जिसके चलते घर में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी प्रशासनिक रवैये को लेकर नाराजगी देखी गई.

एसडीएम ने दी सफाई

वहीं इस मामले में एसडीएम आनंद तिवारी ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग गैस सिलेंडर के नाम पर अराजकता और ‘न्यूसेंस’ पैदा कर रहे थे, इसलिए उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा तेज है और लोग प्रशासन के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं.