Prateek Yadav postmortem report: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की मौत की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. प्रतीक यादव की मौत के बाद उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार हर किसी को था ताकि मौत के पीछे की असली वजह पता चल पाए. इस बीच प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की असली वजह का खुलासा कर दिया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, किसी बाहरी हमले के बजाय शरीर के आंतरिक अंगों में आई गंभीर चिकित्सा स्थिति उनकी मृत्यु का मुख्य कारण बनी. डॉक्टरों ने इस मामले में आगे की गहन जांच के लिए विसरा और अंगों के नमूने सुरक्षित रख लिए हैं.
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मौत के पीछे की क्या है असली वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव की मृत्यु का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स यानी दिल और सांस का रुकना पाया गया है. रिपोर्ट में इस स्थिति के पीछे की वजह बड़े पैमाने पर पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म को बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों की नस में खून का थक्का जमने की वजह से प्रतीक का दिल और श्वसन तंत्र पूरी तरह विफल हो गया. डॉक्टरों ने मौत की परिस्थितियों को और अधिक स्पष्ट करने के लिए हृदय और फेफड़ों के सैंपल सुरक्षित रखे हैं. विसरा को केमिकल एनालिसिस के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि शरीर पर मिली सभी चोटें मौत से पहले की हैं.
लखनऊ के सिविल अस्पताल में प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम KGMU में करीब डेढ़ घंटे तक चला था. प्रतीक यादव की मौत के बाद पूरा यादव परिवार एक साथ नजर आया. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाई की अचानक मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि 'मैं प्रतीक को बचपन से जानता था. वह स्वभाव से बहुत अच्छा लड़का था. उसका हमारे बीच से इस तरह चले जाना परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है. प्रतीक अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक था और हमेशा बिजनेस में लगा रहता था. लेकिन कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है.'
लीवर और लंग्स की दिक्कतें थीं प्रतीक को
मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतीक यादव को लीवर और लंग्स की दिक्कतें थीं. सूत्र बता रहे हैं कि वो कई बार लखनऊ के मेदांता में एडमिट हुए थे. लेकिन कभी बहुत लंबे समय के लिए एडमिट नहीं हुए. तबीयत बिगड़ती थी तो उन्हें एडमिट कराते थे. आराम होने पर एक दो दिन में डिस्चार्ज होकर घर चले जाते थे.
इस हाल में दिखीं अपर्णा यादव
बता दें कि प्रतीक यादव की मौत के वक्त अपर्णा उनके साथ नहीं थीं. वह पहले सोमनाथ गई थीं और उसके बाद असम पहुंची थीं. इसी दौरान उन्हें प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिली, जिसके बाद वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं. फिलहाल अपर्णा यादव लखनऊ पहुंच चुकी हैं.
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