अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत के बाद यूपी के बाराबंकी के किंतूर में लोगों पर क्या बीत रही, पढ़ी जा रही दुआ फातिहा

Ayatollah Khamenei News: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत पर बाराबंकी के किंतूर में मातम. रुहोल्लाह खुमैनी के वंशजों ने जताया गहरा दुख, मस्जिदों में पढ़ी गई दुआ-फातिहा.

Ayatollah Khamenei News

सैयद रेहान मुस्तफा

01 Mar 2026 (अपडेटेड: 01 Mar 2026, 12:27 PM)

follow google news

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत की खबर आने के बाद से बाराबंकी जिले में मातम का माहौल है. जैसे ही देर रात अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्लाह खामनेई के निधन की सूचना पहुंची पूरे जिले में सन्नाटा पसर गया. विशेष रूप से किंतूर में रह रहे ईरान के प्रथम सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह खुमैनी के वंशजों के लिए ये समय बेहद ही भावुक है. इस खबर के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय और खुमैनी परिवार के सदस्यों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. 

यह भी पढ़ें...

खुमैनी के वंशजों ने व्यक्त किया गहरा अफसोस

ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन पर किंतूर में रह रहे खुमैनी परिवार के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. परिवार का कहना है कि यह घटना केवल ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शिया समुदाय के लिए दुखद का क्षण है. उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामनेई का जाना एक बड़े युग का अंत है, जिससे हर आंख नम है. 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवार के सदस्यों ने संयम बरतने की बात कही है. उन्होंने अपील की है कि शांति, भाईचारा और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है. हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती, इसलिए दुनिया को अमन के रास्ते पर विचार करना चाहिए.

मस्जिदों और घरों में दुआ-फातिहा का दौर हुआ शुरू 

जैसे ही खामनेई के निधन की पुष्टि हुई, किंतूर और उसके आसपास के इलाकों में शोक संवेदनाएं व्यक्त करने वालों का तांता लग गया. स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से दुआ-फातिहा का आयोजन किया और सर्वोच्च नेता की मगफिरत के लिए प्रार्थना की.

ये भी पढ़ें: अयातुल्लाह खामेनई की मौत के बाद लखनऊ की सड़कों पर बैठ लोग रोने लगे, फिर आक्रोश में लगाए ये नारे