ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत की खबर आने के बाद से बाराबंकी जिले में मातम का माहौल है. जैसे ही देर रात अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्लाह खामनेई के निधन की सूचना पहुंची पूरे जिले में सन्नाटा पसर गया. विशेष रूप से किंतूर में रह रहे ईरान के प्रथम सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह खुमैनी के वंशजों के लिए ये समय बेहद ही भावुक है. इस खबर के बाद स्थानीय मुस्लिम समुदाय और खुमैनी परिवार के सदस्यों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
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खुमैनी के वंशजों ने व्यक्त किया गहरा अफसोस
ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन पर किंतूर में रह रहे खुमैनी परिवार के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया है. परिवार का कहना है कि यह घटना केवल ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शिया समुदाय के लिए दुखद का क्षण है. उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामनेई का जाना एक बड़े युग का अंत है, जिससे हर आंख नम है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवार के सदस्यों ने संयम बरतने की बात कही है. उन्होंने अपील की है कि शांति, भाईचारा और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है. हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती, इसलिए दुनिया को अमन के रास्ते पर विचार करना चाहिए.
मस्जिदों और घरों में दुआ-फातिहा का दौर हुआ शुरू
जैसे ही खामनेई के निधन की पुष्टि हुई, किंतूर और उसके आसपास के इलाकों में शोक संवेदनाएं व्यक्त करने वालों का तांता लग गया. स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से दुआ-फातिहा का आयोजन किया और सर्वोच्च नेता की मगफिरत के लिए प्रार्थना की.
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