Barabanki Farmers Protest: बिना मुआवजे जमीन पर कब्जा? बाराबंकी में ओवरब्रिज प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों का उबाल

Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में प्रस्तावित ओवरब्रिज और सड़क चौड़ीकरण को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना नोटिस और मुआवजे के उनकी कृषि भूमि पर काम शुरू कर दिया गया है, जिस पर प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

Newzo

• 02:26 PM • 10 Apr 2026

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Barabanki News: बाराबंकी जनपद के रामनगर तहसील क्षेत्र में चौकाघाट रेलवे क्रॉसिंग से मरकामऊ तक प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण और सड़क चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्राम मड़ना और लोहटी जई के किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक प्रक्रिया के कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रभावित किसानों के अनुसार गाटा संख्या 271/1, 292, 293 एवं 317 की भूमि पर निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि उन्हें अब तक भूमि अधिग्रहण संबंधी कोई नोटिस नहीं मिला है.

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ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी सड़क चौड़ीकरण का कार्य बिना मुआवजा दिए दबंगई के बल पर कराया गया था. अब ओवरब्रिज और सर्विस रोड निर्माण के चलते उनकी उपजाऊ भूमि, पेड़-पौधे और सिंचाई के साधन जैसे बोरिंग नष्ट हो जाएंगे. किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी जीविका का एकमात्र साधन यही कृषि भूमि है, इसलिए बिना उचित मुआवजा दिए कार्य कराना उनके साथ अन्याय है.

प्रशासन से कई बार शिकायत, अब जांच की प्रक्रिया शुरू

प्रभावित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी रामनगर सहित अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायत पत्र देकर अपनी समस्या बताई है. 8 दिसंबर 2025 को भी आईजीआरएस के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही थी.

इस संबंध में तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि ओवरब्रिज निर्माण कार्य की जांच के लिए लेखपालों की टीम भेजी गई है. सर्वे के लिए ग्राम लोहटी जई और मड़ना के लेखपालों को मौके पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि मामले के निस्तारण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम का संबंधित अधिकारी भी मौके पर 
आएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी, पारदर्शी पैमाइश की मांग

प्रार्थियों में नेतराम, मायाराम, अजय कुमार, राजेश कुमार, राजकुमार, गिरिजेश कुमार, राजकुमारी, गनेश सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं. सभी ने मांग की है कि उनकी भूमि की पैमाइश उनके सामने कराई जाए और अधिग्रहित किए जाने वाले रकबे की स्पष्ट लिखित सूचना दी जाए. साथ ही भूमि, पेड़ों और बोरिंग का उचित मुआवजा देने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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