Barabanki News: चौकाघाट ओवरब्रिज के लिए पेड़ों की कटाई तेज, ग्रामीणों का विरोध-स्वामित्व पर बड़ा विवाद

Barabanki Chaukaghat overbridge: बाराबंकी के चौकाघाट चेक पोस्ट के पास बन रहे ओवरब्रिज और फोरलेन हाईवे परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई तेज कर दी गई है. पेड़ों के स्वामित्व को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई.

Newzo

• 03:18 PM • 09 Apr 2026

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Barabanki Chaukaghat overbridge: बाराबंकी रामनगर तहसील क्षेत्र के चौकाघाट चेक पोस्ट के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज और फोर लेन हाईवे परियोजना को लेकर पेड़ों की कटाई का कार्य तेज हो गया है. करीब एक किलोमीटर लंबे इस ओवरब्रिज का निर्माण लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. 

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निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हरे पेड़ों को वन निगम द्वारा काटा जा रहा है. वन दरोगा सचिन पटेल ने बताया कि सड़क की सीमा में आने वाले वन विभाग के पेड़ों को नियमानुसार हटाया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य बिना अवरोध के पूरा हो सके.
वन निगम के बाबूराम श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह कार्य कराया जा रहा है, जिसमें कई मजदूर भी लगे हुए हैं. वन विभाग की टीम, जिसमें डिप्टी रेंजर एमके यादव, रेंज क्लर्क दुर्गेश यादव, विनय कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं, लगातार मौके पर निरीक्षण कर रही है. 

विभाग का कहना है कि उनके पास सभी संबंधित पेड़ों के दस्तावेज उपलब्ध हैं और कार्य शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है.

पेड़ों के स्वामित्व को लेकर विवाद, पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा
पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो गई. मढ़ना निवासी अजय गौतम, गणेश मिश्रा, आशुतोष कुमार, रामकृपाल, देवदास पांडे, कृपाल गौतम, अमित मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, भोला पांडे और रामविलास गौतम ने पेड़ों पर अपना स्वामित्व जताते हुए कटाई का विरोध किया.

 ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित पेड़ उनके निजी हैं. विवाद बढ़ने पर ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद दीपक सिंह और इम्तियाज आलम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की तथा रामनगर थाने को सूचना दी. इसके बाद थाना प्रभारी रामनगर अनिल कुमार पांडे के निर्देशानुसार पुलिस टीम के साथ मौके के सब इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह जांच-पड़ताल में जुट गए. पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराया.

वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति पेड़ों पर अपना दावा करता है तो उसे वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. साथ ही चेतावनी दी गई कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है.