Barabanki News: तहसील रामनगर क्षेत्र के तपेशिपाह गांव के निकट कोरिन पुरवा के पास बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. बाढ़ खंड विभाग द्वारा नदी के कटान को रोकने और ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाने के लिए सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है, बरसात के दौरान नदी की तेज धारा से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से विभाग ने पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया है.
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बाढ़ खंड विभाग के अनुसार चौघड़िया के पास करीब 450 मीटर क्षेत्र में 188611 एसी बैग लगाए जा चुके हैं, इसके अलावा 2000 जियो बैग लगाकर 12 स्टड तैयार किए गए हैं. करीब 200 मीटर क्षेत्र में 6000 जियो बैग लगाए गए हैं. नदी के किनारे 460 परकोपाइन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से सरयू घाघरा नदी की धारा को नियंत्रित करने और कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है.
विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य 30 अप्रैल से शुरू किया गया था, जो अब तक एक माह 17 दिन तक चल चुका है. हालांकि जिलाधिकारी बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह के द्वारा 10 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे.कार्य को पूरा करने के लिए कई मजदूर लगातार लगाए गए हैं. अब चौघड़िया भरने का काम अंतिम चरण में चल रहा है, जिसे जल्द पूरा करने की संभावना जताई जा रही है.
गांव के किनारे चौघड़िया के पास परकोपाइन स्टड और ठोकर का निर्माण किया गया है. इसका उद्देश्य नदी की धारा का रुख बदलना और कटान को नियंत्रित करना है. सुरक्षा के लिए लगाई जा रही सभी बोरियों और जियो बैग में नदी की बालू भरकर उन्हें मजबूत बनाया गया है, ताकि तट को मजबूती मिल सके.
कार्य का निरीक्षण जेई बीपी सिंह, जेई प्रदीप कुमार वर्मा और जेई राहुल द्वारा किया जा रहा है. विभाग का दावा है कि समय रहते बचाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे बरसात के दौरान नदी के कटान और बाढ़ से गांवों को राहत मिल सके.
ज्ञात हो हर वर्ष घाघरा नदी कोरिन पुरवा गांव के पास कटान करती है उसकी सुरक्षा के दृष्टिगत यह कार्य कराया जा रहा है. बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत सिंह ने बताया कि बाढ़ बचाव कार्य अंतिम चरण में है. चौघड़िया भरने का कार्य ही मुख्य रूप से बाकी रह गया है. उन्होंने बताया कि करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य कराया जा रहा है. नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए जियो बैग, एसी बैग, परकोपाइन और स्टड लगाए जा रहे हैं.
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