Barabanki News: जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही हजारों शिव भक्तों ने लोधेश्वर महादेव के स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की. मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा.
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शिव भक्त अपने हाथों में जल से भरे लोटे, गंगाजल, बेलपत्र, भांग, धतूरा और सुगंधित पुष्प लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचे और भगवान लोधेश्वर महादेव का अभिषेक किया. पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार के विशेष महत्व को देखते हुए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे. कई भक्तों ने मंदिर की लेटकर परिक्रमा भी की.
मंदिर के मुख्य पुजारी वीरेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास का यह अंतिम सोमवार होने के कारण सुबह से देर रात तक श्रद्धालु भगवान लोधेश्वर महादेव के दर्शन और पूजन करते रहेंगे. उन्होंने बताया कि बाराबंकी के अलावा लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, उरई, जालौन, गोंडा, बहराइच, सुल्तानपुर, फतेहपुर और सीतापुर सहित कई जनपदों से शिव भक्त यहां पहुंचे हैं.
मान्यता है कि लोधेश्वर महादेव स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो धरती से प्रकट हुए थे, कथा के अनुसार किसान लोधे राम अवस्थी अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे, पानी एक स्थान पर बार-बार जा रहा था, जिस पर उन्होंने वहां खुदाई की. खुदाई के दौरान शिवलिंग प्रकट हुआ और फावड़ा लगने से शिवलिंग से रक्त निकलने लगा. यह देखकर किसान आश्चर्यचकित रह गया और बाद में वहां मंदिर का निर्माण कराया गया. आज भी शिवलिंग पर फावड़े का निशान दिखाई देता है.
श्रद्धालुओं की आस्था है कि यह शिवलिंग महाभारत कालीन है और पांडवों ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी. वर्तमान समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से लोधेश्वर महादेव धाम के विकास और कॉरिडोर निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. अपनी धार्मिक महत्ता के कारण यह तीर्थ स्थल देशभर में प्रसिद्ध हो रहा है.
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