बलिया में पुलिस की पिटाई से दलित व्यक्ति कामजी गोंड की मौत, अब चंद्रशेखर आजाद ने खोल दिया मोर्चा!

यूपी तक

• 03:07 PM • 13 Jul 2026

Ballia News: बलिया के रेवती थाना क्षेत्र में कामजी गोंड की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. परिजनों ने पुलिस हिरासत में पिटाई का आरोप लगाया है. इस बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती थाना क्षेत्र में एक दलित शख्स कामजी गोंड की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कामजी गोंड के परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा थाने में बेरहमी से पीटाई के कारण उसकी जान चली गई. इस घटना के बाद गुस्से में आए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर बलिया-रेवती मार्ग जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अब इस मामले में नगीना से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद की भी एंट्री हो गई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से बड़ी मांग की है. वहीं, पुलिस ने इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

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थाने में पिटाई का आरोप

परिजनों के अनुसार, इस पूरी घटना की शुरुआत 7 जुलाई को बच्चों के बीच एक मुर्गे की दुकान पर हुए छोटे से विवाद से हुई थी. इसके अगले दिन पुलिस कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने ले गई. परिवार का आरोप है कि थाने में कामजी गोंड के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद में पुलिस ने उन्हें गांव के प्रधान लालू सिंह को सौंप दिया. प्रधान उन्हें उथानी माता मंदिर के पास एक मठिया पर छोड़कर चले गए. गांव के बच्चों से सूचना मिलने पर जब परिवार मौके पर पहुंचा, तो कामजी गोंड की हालत बेहद खराब थी. उन्हें पहले बलिया अस्पताल ले जाया गया और फिर वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

सांसद चंद्रशेखर आजाद की मांग

इस मामले के गरमाने के बाद नगीना के सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि आदिवासी समाज के कामजी गोंड की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का समाचार अत्यंत दुखद और चिंताजनक है. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समय से जांच कराई जाए. चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए.

छह लोगों पर मुकदमा दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह हरकत में आ गया है. पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर रेवती थाने के एक दरोगा (उपनिरीक्षक), सिपाही और ग्राम प्रधान लालू सिंह समेत कुल छह लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आजमगढ़ के डीआईजी ने इस मामले पर जानकारी दी कि शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित दरोगा और सिपाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच कराने की सिफारिश भी की गई है. मृतक का पोस्टमार्टम बीएचयू ट्रामा सेंटर में कराया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.