बलिया : इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा है युद्ध का असर लगातार ऊर्जा संसाधनों पर देखने को मिल रहा है। एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और पेट्रोल-डीजल के दामों उछाल के कारण इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। सरकार दावा कर रही है कि एलपीजी सिलेंडर की काला बाजारी पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है, सिलेंडर की कोई कमी नही है। लेकिन बलिया में एलपीजी सिलेंडर एजेंसियों के द्वारा कला बाजारी का नया फार्मूला तैयार कर लिया गया है।
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सावधान, अगर गैस एजेंसी के द्वारा आप के घर तक एलपीजी सिलेंडर पहुंचाया जा रहा है तो एक बार उसका वजन जरूर करें, क्योंकि गैस एजेंसियों ने इस आपदा को अवसर में बदल दिया है। खाली घरेलू गैश सिलेंडर का वजन लगभग 15.3 किलो होता है। यह वजन हर सिलेंडर की बॉडी पर काले रंग से लिखा होता है। घरेलू सिलेंडर में मानक रूप से 14.2 किलो गैस भरी जाती है। यानी खाली सिलेंडर + गैस = 29.5 किलो के आसपास होना चाहिए।
कालाबजारी करने वालों ने इस आपदा को अवसर का रूप दे दिया है। शहर निवासी सागर सिंह राहुल ने बताया कि प्रशासन के सारे दावे फेल है। प्रशासन बोल रही है कि सिलेंडर ब्लैक करने वालो, जमाखोरी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है लेकिन कालाबजारी करने वालो ने नया फार्मूला तैयार कर लिया है। बताया मेरे पास एच.पी. गैस एजेंसी का सिलेंडर है। बुकिंग के लगभग 24 दिन बाद एजेंसी द्वारा मेरे घर पर सिलेंडर पहुंचाया गया जिसका वजन किया तो उसका वजन 28.7 किलो था। जब फोन पर इसकी शिकायत किया तो दूसरा सिलेंडर लाकर दिया जिसका वजन 29.5 किलो होगया। सागर ने आरोप लगाया कि एजेंसी के द्वारा जबरिया 200 रुपये का गैस पाइप दिया गया जिसकी कोई जरूरत नही है।
वही एक व्यापारी उपभोक्ता ने भी एचपी गैस एजेंसी पर कालाबजारी करने का आरोप लगाया बताया मेरे पास भी एजेंसी के द्वारा बुकिंग के काफी दिन बाद सिलेंडर पहुंचाया गया जब उसका वजन किया यो 26 किलो के आसपास था। आरोप लगाया कि आम जनता के विश्वास के साथ बड़ा खेल किया जा रहा है। बहोत से उपभोक्ता बिना वजन किये ही सिलेंडर लेकर प्रयोग करते है और चोरी का पता नही चलता.
अब सवाल उठता है कि आखिर घरेलू गैस की कालाबजारी कौन कर रहा है गैस एजेंसी या फिर बिचौलिये, नतीजन परेशान उपभोक्ता हो रही है और जिम्मेदार प्रशासन कुम्भकर्णी नींद में सोई है। जब पड़ताल किया गया तो बाकी गैस एजेंसियों का भी यही हाल है। पीड़ित उपभोक्ताओं ने मांग किया कि सरकार को कड़े नियम लगाने चाहिए और इनके ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए.
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