Ballia News Shivam Mishra: ISRO के SMOPS 2026 में चमका बलिया का नाम, शिवम मिश्र ने ‘नमस्कार फाउंडेशन’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर छोड़ी छाप

Ballia News: बलिया के सामाजिक कार्यकर्ता शिवम मिश्र ने बेंगलुरु में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशन्स सम्मेलन (SMOPS 2026) में भाग लेकर जिले का नाम रोशन किया. उन्होंने अंतरिक्ष तकनीक के सामाजिक उपयोग और ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

Newzo

• 10:26 AM • 10 Apr 2026

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Ballia News: बलिया शहर के मिश्र नेवरी निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिवम मिश्र पुत्र नारायण मिश्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशन्स सम्मेलन (SMOPS 2026) में भाग लेकर न केवल अपने जनपद का मान बढ़ाया है. यह सम्मेलन 8 से 10 अप्रैल 2026 तक बेंगलुरु के ताज यशवंतपुर होटल में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया.

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इस सम्मेलन का आयोजन ISRO के तत्वावधान में किया गया, जो अंतरिक्ष अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी संस्थाओं में से एक है. SMOPS 2026 का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष मिशन संचालन से जुड़े नवीनतम तकनीकी विकास, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना था.

शिवम मिश्र ने इस महत्वपूर्ण मंच पर “नमस्कार फाउंडेशन” के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया. उन्होंने इस अवसर को न केवल सीखने और समझने के लिए उपयोग किया, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग पर भी अपने विचार प्रस्तुत किए. उनका मानना है कि अंतरिक्ष विज्ञान केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग समाज के विकास, आपदा प्रबंधन, कृषि सुधार, और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में भी किया जाना चाहिए.

सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्वायत्त मिशन संचालन, डेटा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. शिवम मिश्र ने इन विषयों पर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई और यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार इन तकनीकों को भारत के सामाजिक और ग्रामीण ढांचे में लागू किया जा सकता है.

शिवम मिश्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि, “आज का समय नवाचार का है, और अंतरिक्ष तकनीक इस नवाचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. यदि हम इन तकनीकों को सही दिशा में उपयोग करें, तो यह न केवल हमारे देश की प्रगति को गति देगा, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने में भी सहायक होगा.”

उन्होंने यह भी कहा कि ISRO जैसी संस्थाएं, जो कम लागत में उच्च प्रभाव वाले मिशनों के लिए जानी जाती हैं, भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिला रही हैं. ऐसे में युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे आकर योगदान देना चाहिए और देश के वैज्ञानिक विकास में भागीदार बनना चाहिए.

नमस्कार फाउंडेशन के प्रतिनिधि के रूप में शिवम मिश्र ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित किया और सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की. उन्होंने इस मंच का उपयोग नेटवर्किंग, ज्ञान-विनिमय और भविष्य की साझेदारियों को मजबूत करने के लिए किया.

इस सम्मेलन में भाग लेने के बाद शिवम मिश्र ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा, जहां उन्होंने वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों से सीखने का मौका प्राप्त किया. उन्होंने यह भी बताया कि वे इस ज्ञान और अनुभव को अपने क्षेत्र में लागू करने का प्रयास करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर भी तकनीकी जागरूकता और नवाचार को बढ़ावा मिल सके.

शिवम मिश्र की इस उपलब्धि पर उनके गृह जनपद बलिया में हर्ष का माहौल है. स्थानीय लोगों में विकास पाण्डेय लाला पूर्व सभासद नगर पालिका, काशी नाथ सिंह ग्राम सभा कुर्तियां,  हरेंद्र नाथ मिश्र, शिक्षक नागा सरस्वती विद्या मंदिर, बैकुंड नाथ प्राचार्य (सतीश चंद्र कॉलेज) सहित सामाजिक संगठनों और युवाओं ने उनके इस प्रयास की सराहना की है और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया है. यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास की कहानी है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं.

अंत में, शिवम मिश्र ने यह संदेश दिया कि यदि हमारे पास सीखने की इच्छा, मेहनत करने का जज्बा और कुछ नया करने का संकल्प है, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है. हमें अपने सपनों को सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए.

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