Ballia Boatmen Protest: 2025 की बाढ़ में जान जोखिम में डाल बचाई थी जिंदगी, अब मानदेय के लिए भटक रहे नाविकों ने डीएम को सौंपा पत्र

Boatmen Protest Ballia: बलिया में 2025 की भीषण बाढ़ के दौरान जान जोखिम में डालकर ग्रामीणों को सुरक्षित बचाने वाले नाविक अब अपने मानदेय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. नाविकों ने डीएम को पत्र सौंपकर बकाया भुगतान, हाजिरी सूची उपलब्ध कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की.

Boatmen Protest Ballia

Newzo

• 02:30 PM • 21 May 2026

follow google news

Boatmen Protest Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. साल 2025 के भीषण बाढ़ आपदा के दौरान अपनी जान जोखी में डालकर ग्रामीणों की जिंदगी और संपत्ति की रक्षा करने वाले नाविक आज अपने हक के मानदेय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है. परेशान होकर पीड़ित नाभिकों ने अब जिला अधिकारी बलिया को शिकायती पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगाई है.

यह भी पढ़ें...

मामला बलिया जिले के तहसील बैरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नौरंगा का है. जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे नाविकों के अनुसार वर्ष 2025 में आई भीषण बाढ़ के दौरान प्रशासन के निर्देशानुसार जनहित में ग्राम पंचायत में कुल 13 नावों का संचालन किया गया था. इन नविको ने दिन रात मुस्तैदी से काम करते हुए सैकड़ो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था.

नविको का आरोप है कि आपदा बीते, लंबा समय हो चुका है, लेकिन आज तक उन्हें उनका वैधानिक मानदेय नहीं मिला. बताया हम लोगों ने इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान और लेखपाल से संपर्क किया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. हद तो तब हो गई जब लेखपाल द्वारा हमारी हाजिरी सूची भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है जिससे पूरी स्थिति संदेहास्पद और चिंताजनक बन गई है. पीड़ितों ने यह भी बताया कि जब वह इस मामले को लेकर उप जिला अधिकारी बैरिया से मिले तो वहां से यह कह कर पल्ला झाड़ लिया गया कि वर्ष 2025 की बाढ़ का बजट उपलब्ध नहीं है जबकि वर्ष 2026 का बजट प्राप्त हो चुका है.

प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नविको ने जिला अधिकारी से इस गंभीर विषय पर त्वरित संज्ञान लेने का अनुरोध किया है. उन्होंने मांग किया कि वर्ष 2025 की बाढ़ आपदा में कार्यरत सभी नविको का बकाया मानदेय अविलंब भुगतान कराया जाए. इस प्रकरण में घोर लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधान और संबंधित लेखपाल की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए साथ ही संबंधित लेखपाल को निर्देशित कर नविको की हाजिरी सूची तत्काल उपलब्ध कराने की मांग किया.

आपदा के समय देवदूत बनकर लोगों की जान बचाने वाले मल्लाह और नविको के साथ ऐसा बर्ताव प्रशासनिक उदासीनता की परकाष्ठा है. जब बजट 2026 आ चुका है, तो 2025 के बजट का ना होना सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. अब देखना यह होगा कि बलिया जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्या इन गरीब नविको को उनका हक दिला पता है.