Amethi Gram Panchayat News: अमेठी की 8 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप, प्रधानों के निलंबन-बर्खास्तगी और रिक्त पद बने वजह. जिले के पांच विकास खंडों की आठ ग्राम पंचायतों में प्रधानों के निलंबन, बर्खास्तगी, निधन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज होने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. कई पंचायतों में प्रशासनिक समितियों का गठन किए जाने के बावजूद योजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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भादर ब्लॉक की सवनगी और जामों ब्लॉक की सूखीबाजगढ़ ग्राम पंचायतों में अनियमितताओं की पुष्टि के बाद संबंधित प्रधानों को बर्खास्त कर दिया गया. सवनगी ग्राम पंचायत में अभी तक कोई सदस्य अथवा प्रशासनिक समिति नामित नहीं की गई है. इसके चलते खाता संचालन बंद है और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं. वहीं जामों ब्लॉक की कटारी तथा बाजारशुकुल ब्लॉक की संसारपुर ग्राम पंचायत में जांच के दौरान अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर प्रधानों को निलंबित कर प्रशासनिक समितियों का गठन किया गया. इसके बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है.
इसके अलावा शाहगढ़ ब्लॉक की किटियावां, तिलोई ब्लॉक की छतहुआ और कुटमरा ग्राम पंचायतों में प्रधानों के निधन के कारण पद रिक्त हैं. भादर ब्लॉक की मवइया ग्राम पंचायत में भी प्रधान का पद खाली है. जिलाधिकारी के निर्देश पर सवनगी को छोड़कर अन्य सभी पंचायतों में प्रशासनिक समितियां गठित कर दी गई हैं.
जानकारी के अनुसार, सवनगी ग्राम पंचायत में अप्रैल 2026 में प्रधान भानुमती के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए थे. इसके बाद खाता संचालन बंद हो गया और विकास कार्य रुक गए. वहीं सूखीबाजगढ़ में अप्रैल 2025 से वित्तीय अधिकार सीज हैं. यहां एक सदस्यीय समिति गठित है, लेकिन कई विकास योजनाएं अब भी लंबित हैं.
कटारी ग्राम पंचायत में अप्रैल 2026 में प्रधान के निलंबन के बाद प्रशासनिक समिति बनाई गई, लेकिन विकास कार्य शुरू नहीं हो सके. इसी प्रकार संसारपुर ग्राम पंचायत में अप्रैल 2025 में वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद समिति का गठन तो हुआ, लेकिन योजनाओं को अपेक्षित गति नहीं मिल सकी.
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज त्यागी ने बताया कि शिकायतों की जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है. जिन ग्राम पंचायतों में प्रधान बर्खास्त, निलंबित अथवा मृत हैं, वहां एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके.
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