UP Assembly Elections: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार जनगणना विभाग की टीम की तरफ से चुनाव आयोग को यह जानकारी दी गई है कि फरवरी से मार्च के बीच पूरे देश में बड़े स्तर पर जनगणना का कार्य किया जाएगा. इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी. इसी कारण चुनाव की संभावित तारीखों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जा सकते हैं. हालांकि चुनाव आयोग की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
ADVERTISEMENT
सियासी दलों में बढ़ी हलचल और तैयारी की चर्चाएं
सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में एक बैठक के दौरान अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा है कि सरकार समय से पहले चुनाव कराने का फैसला ले सकती है, इसलिए सभी को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए. वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर भी इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि अगर चुनाव समय से पहले होते हैं तो संगठन को हर स्तर पर तैयार रहना चाहिए. दोनों प्रमुख दलों में इसे लेकर रणनीतिक मंथन तेज हो गया है.
जनगणना और चुनावी समय को लेकर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि जनगणना विभाग ने चुनाव आयोग को अपनी आवश्यकताओं से अवगत करा दिया है, जिसमें फरवरी और मार्च के दौरान बड़ी संख्या में स्टाफ की जरूरत बताई गई है. ऐसे में चुनावी कार्यक्रम को प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. चर्चा यह भी है कि अगर देश में समय से पहले चुनाव होते हैं तो यह सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि पांच राज्यों के चुनाव एक साथ प्रभावित हो सकते हैं. फिलहाल इन सभी अटकलों के बीच चुनाव आयोग की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
ADVERTISEMENT









