जंतर मंतर पर भारी हंगामे के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, बोले- ‘जारी रहेगा आंदोलन, सरकार आए हमारे पास’

Abhijeet Dipke: जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर लाठीचार्ज, छात्राओं से अभद्रता और बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और अब सरकार को बातचीत करनी है तो जंतर-मंतर आकर छात्रों से संवाद करना होगा.

Abhijeet Dipke

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Abhijeet Dipke: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर घमासान और तेज हो गया है. एक तरफ जहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस और सरकार पर बर्बरता का आरोप लगाते हुए बेहद संगीन दावे किए हैं. यूपी Tak से खास बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि पुलिस की लाठीचार्ज में सैकड़ों छात्रों के सिर फूटे हैं और छात्राओं के साथ अभद्रता की गई है. उन्होंने ऐलान किया है कि तमाम दबाव और पुलिस बल के बावजूद उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा और अब सरकार को बात करनी है तो खुद जंतर-मंतर आना पड़ेगा.

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'यह भारत के लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन'

जंतर-मंतर पर देर रात तक डटे अभिजीत दीपके ने दिनभर चले घटनाक्रम को बेहद शर्मनाक करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि 'आज का दिन भारत के लोकतंत्र के लिए बहुत शर्मनाक है. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने 12-12 साल की बच्चियों के सिर फोड़े हैं. महिला पुलिस के बजाय पुरुष पुलिस अधिकारियों ने लड़कियों के गले पकड़े, कपड़े फाड़े और छाती पर पैर रखकर मारा.'

अभिजीत ने कहा कि अगर पुलिस को शांत प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोकना ही था तो वाटर कैनन का इस्तेमाल कर सकती थी. लेकिन सीधे आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बर्बरता से लाठियां भांजी गईं. उन्होंने कहा कि छात्र एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे और उनका मार्च भी शांतिपूर्ण था. लेकिन पुलिस ने खुद पहली लाठी चलाकर हमला किया.

'जेपी नड्डा के साथ बैठक में सिर्फ टाइम वेस्ट हुआ'

सरकार के साथ हुई बातचीत और डेलीगेशन के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार के प्रतिनिधियों और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से दो बार बातचीत के लिए डेलीगेशन को बुलाया गया. वहीं दूसरी तरफ पीछे से पुलिस को छात्रों पर बल प्रयोग करने और सिर फोड़ने का आदेश दे दिया गया.

अभिजीत के मुताबिक, बातचीत के नाम पर सिर्फ समय बर्बाद किया गया. अब उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर सरकार आगे कोई बात करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधियों को खुद जंतर-मंतर आकर बात करनी होगी. छात्र अब कहीं नहीं जाएंगे.

'20 से ज्यादा बच्चों की मौतों के बाद भी मन नहीं भरा'

आंदोलन जारी रखने के संकल्प को दोहराते हुए अभिजीत ने कहा 'यह सरकार खून चाहती है. 20 से ज्यादा बच्चों के सुसाइड के बाद भी इनका मन नहीं भरा है, ये और बच्चों को मारना चाहते हैं. इसलिए आज इन्होंने यह हरकत की है.' उन्होंने बताया कि पुलिस भले ही चारों तरफ से घेराबंदी कर रही हो और फोर्स बढ़ा रही हो. लेकिन उनका विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा.

सोनम वांगचुक का संदेश और युवाओं से अपील

अभिजीत ने बताया कि पुलिस भले ही सोनम वांगचुक से सीधे मिलने नहीं दे रही है. लेकिन चिट्ठी के जरिए उनका संदेश आया है कि पुलिस की इस बर्बरता और छात्रों पर हुए हमले के विरोध में उनका अनशन लगातार जारी रहेगा.

सड़कों पर डटे युवाओं को मैसेज

सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में सड़कों और बैरिकेड्स पर डटे युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए अभिजीत ने कहा 'उम्मीद मत खोइए. ये चाहे कितने भी क्रूर हों, हमें लड़ना पड़ेगा. मैं लड़ने के लिए तैयार हूं और यह लंबी लड़ाई हम जीतेंगे.'