जंतर-मंतर पर भयंकर बारिश और RAF की मौजूदगी के बीच भीड़ ने क्या किया? पुलिस ने ‘चेतावनी बोर्ड’ पर लिखी ये बात

गौरव कुमार पांडेय

20 Jul 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 09:46 AM)

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सोमवार सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने से तनावपूर्ण माहौल बन गया. दिल्ली पुलिस और RAF ने सड़क खाली कराने की कार्रवाई शुरू की, जिसके दौरान धक्कामुक्की भी हुई. बारिश के बीच पुलिस लगातार भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी रही.

Jantar Mantar Protest News

Jantar Mantar Protest News (Photo Enhanced By AI)

Google CTA

Jantar Mantar Protest News: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में सोमवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर जुट गए. सुबह करीब 7 बजे से शुरू हुए घटनाक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की. इस दौरान कई जगह धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी. बारिश के बीच पुलिस लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और संसद मार्ग को खाली कराने में जुटी रही है.

यह भी पढ़ें...

सुबह 7 बजे से सड़क पर जुटे प्रदर्शनकारी

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 7:04 बजे संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे. कई लोग सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. मौके पर मौजूद लोगों में कुछ युवक नीला पटका और समाजवादी पार्टी छात्र सभा की टोपी पहने दिखाई दिए. प्रदर्शन के दौरान लगातार नारेबाजी होती रही, जबकि पुलिस उन्हें सड़क से हटाकर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की ओर भेजने का प्रयास करती रही.स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ RAF के जवानों की भी तैनाती की गई थी. पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को एक-एक कर सड़क से हटाने में लगे रहे. कई प्रदर्शनकारी बार-बार सड़क पर बैठ जाते थे, जिसके चलते पुलिस को दोबारा उन्हें हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी. इसी दौरान कुछ स्थानों पर धक्कामुक्की भी देखने को मिली और माहौल कुछ समय के लिए काफी तनावपूर्ण हो गया.

धारा 163 लागू होने की पहले ही दी गई थी चेतावनी

मौके पर बड़ा चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है. बोर्ड पर यह भी उल्लेख था कि किसी भी प्रकार का गैरकानूनी जमावड़ा, सभा या मजमा पूरी तरह प्रतिबंधित है. साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करेगा और शांतिपूर्ण तरीके से नहीं हटेगा, तो आवश्यकता पड़ने पर उसके खिलाफ बल प्रयोग किया जा सकता है. बताया गया कि इस संबंध में पहले ही सार्वजनिक घोषणा भी की जा चुकी थी.

बारिश के बीच भी जारी रही नारेबाजी

सुबह करीब 7:06 बजे बारिश शुरू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे. पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद भी कई लोग दोबारा उसी स्थान पर लौटकर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी. कुछ प्रदर्शनकारी पेड़ों की छांव के नीचे पहुंच गए, जबकि पुलिस लगातार उनसे बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास करती रही. इसी दौरान कई युवाओं ने पुलिस के सामने वीडियो भी बनाए और नारे लगाते रहे.

संसद मार्ग खाली कराने पर पुलिस का फोकस

पुलिस की प्राथमिकता संसद मार्ग को पूरी तरह खाली कराना रही, क्योंकि यही रास्ता संसद की ओर जाता है. प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के पास से हटाकर जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल की ओर भेजा गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस और RAF के जवान लगातार पूरे इलाके में मुस्तैद रहे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैल सके. हालांकि कुछ समय तक सड़क पर बैठकर विरोध जारी रहने से माहौल तनावपूर्ण बना रहा.

'संसद तक मार्च' के आह्वान के चलते बढ़ी हलचल

जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन का आह्वान अभिजीत दीपके की ओर से किया गया था. बताया गया कि उन्होंने संसद तक जाने की अपील की थी और वह अनशन पर भी बैठे हुए हैं. वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी सुबह 9 बजे के आसपास कार्यक्रम तय होने की बात कही गई थी. मौके पर समाजवादी पार्टी छात्र सभा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी मौजूद दिखाई दिए. पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही और जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई.