यूपी के सभी कॉलेजों में इन बच्चों को मिलेगी पेट्रोल वाली स्कूटी, योगी कैबिनेट में लिया गया फैसला

यूपी तक

• 01:33 PM • 21 Jul 2026

उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के सभी कॉलेजों की टॉप 5% छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल चालित स्कूटी दी जाएगी.

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UP Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की होनहार बेटियों के लिए एक बड़ा और शानदार फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की अहम बैठक में 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' को लेकर अनाउंसमेंट की गई है.

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इस फैसले के तहत अब प्रदेश के कॉलेजों में अव्वल आने वाली छात्राओं को सरकार की तरफ से मुफ्त पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी. आइए, इस योजना से जुड़ी हर एक जरूरी बात बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं.

क्या है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना?

यूपी कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सबसे खास 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' की शुरुआत है. इस योजना का सीधा मकसद पढ़ाई में शानदार प्रदर्शन करने वाली बेटियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आत्मनिर्भर बनाना है.

सरकार की ओर से तय की गई मुख्य बातें

  • शैक्षणिक सत्र: यह योजना सत्र 2025-26 में पास होने वाली छात्राओं पर लागू होगी.
  • पात्रता: राज्य के सभी प्रकार के कॉलेजों से पढ़ाई पूरी करने वाली टॉप 5% छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी बांटी जाएगी.
  • प्राथमिकता श्रेणी: दिव्यांग छात्राओं और शहीद व निराश्रित परिवारों की बेटियों को इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी.
  • रकार इस योजना के जरिए बेटियों को रोजाना कॉलेज आने-जाने की परेशानी से मुक्ति दिलाना चाहती है, ताकि दूरी उनकी पढ़ाई के बीच रुकावट न बने.

बेटियों के सपनों को मिलेंगे नए पंख

अक्सर देखा जाता है कि छोटे शहरों या ग्रामीण इलाकों में ट्रांसपोर्ट की सही सुविधा न होने की वजह से कई होनहार लड़कियां आगे की पढ़ाई से कतराने लगती हैं. ऐसे में सरकार का यह कदम सिर्फ एक स्कूटी देना भर नहीं है, बल्कि यह बेटियों को उनकी मेहनत का इनाम और आजादी से आगे बढ़ने का हौसला देना है.

जब किसी बेटी को अपनी कड़ी पढ़ाई के दम पर खुद की सवारी मिलती है तो उसका आत्मविश्वास एक अलग ही स्तर पर होता है. कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग जल्द ही इसके आवेदन और चयन प्रक्रिया से जुड़ी गाइडलाइंस जारी करेगा.