UP Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों पर मुहर लग गई है. इस बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास को नई रफ्तार देने के लिए कुल 16 प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई.
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सरकार के इन फैसलों में सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश में बनने जा रहे नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क की है. प्रयागराज से सोनभद्र तक बनने वाले 330 किमी लंबे नए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दे दी गई है. यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल को और मजबूती से जोड़ेगा.
इसके अलावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी मुहर लग चुकी है. महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्यकर और परिवहन जैसे कई बड़े विभागों के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है.
एक्सप्रेसवे नेटवर्क से बदलेगी यूपी की तस्वीर
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर रहा:
- विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: 117 किमी लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा.
- प्रयागराज से सोनभद्र कनेक्टिविटी: 330 किमी लंबे इस कॉरिडोर से विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र में व्यापार और आवागमन बेहद आसान हो जाएगा.
- ईपीसी (EPC) मोड में निर्माण: इन सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के तेजी से निर्माण के लिए विकासकर्ता (डेवलपर) चयन के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है.
योगी सरकार के इस नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के करीब आधा दर्जन से ज्यादा जिलों को सीधा फायदा मिलने जा रहा है.
- प्रयागराज: एक्सप्रेसवे का शुरुआती पॉइंट होने की वजह से प्रयागराज सीधे सोनभद्र और विंध्याचल क्षेत्र से बेहद कम समय में जुड़ जाएगा.
- मिर्जापुर: विंध्यवासिनी देवी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापार को बड़ा बूस्ट मिलेगा. गंगा नदी पर बनने वाले बड़े पुल का भी फायदा मिलेगा.
- सोनभद्र: यह जिला अब तक कनेक्टिविटी के मामले में दूर माना जाता था. एक्सप्रेसवे बनने से प्रयागराज से सोनभद्र का सफर 6-7 घंटे से घटकर महज 3 घंटे का रह जाएगा.
- वाराणसी, भदोही और चंदौली: ये जिले भी इस नए कॉरिडोर के आसपास होने के कारण व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से सीधे लाभांवित होंगे.
- गाजीपुर: विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए गाजीपुर (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का आखिरी छोर) सीधे विंध्य रीजन से कनेक्ट हो जाएगा.
चूंकि सोनभद्र और चंदौली बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं से सटे हैं, इसलिए यह एक्सप्रेसवे केवल यूपी ही नहीं, बल्कि इन चारों पड़ोसी राज्यों के लोगों के लिए भी दिल्ली/एनसीआर और लखनऊ तक आने-जाने का समय काफी कम कर देगा.
3 से 6 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
विकास की इन बड़ी सौगातों के बीच राजनीतिक तापमान भी तेजी से बढ़ने लगा है. यूपी विधानमंडल का आगामी मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा. चार दिनों के इस सत्र में राज्य सरकार जहां अपने जरूरी विधायी कार्यों को निपटाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष भी सरकार को घेरने का कोई मौका छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहा.
माना जा रहा है कि संसद की तरह यूपी विधानमंडल का यह सत्र भी काफी हंगामेदार रहने वाला है. विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले समेत कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोलने की पूरी रणनीति बना चुका है.
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि महज चार दिनों के इस छोटे सत्र में सरकार अपने विधायी कार्यों को कितनी आसानी से पास करा पाती है और विपक्ष के तीखे सवालों का सामना कैसे करती है.
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