Agra Crime News:आगरा में 8 साल की मासूम की हत्या करने वाले आरोपी सुनील को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. आरोपी ने बच्ची की हत्या कर शव के टुकड़े आटे के कनस्तर में छिपा दिए थे.आगरा में 8 साल की मासूम बच्ची प्रज्ञा की हत्या कर उसके शव को आटे के कनस्तर में छुपाने वाला आरोपी सुनील पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. सुनील मासूम बच्ची के घर में किराए का कमरा लेकर रहता था. बच्ची उसे अंकल कहकर बुलाती थी. लेकिन उसी सुनील ने बच्ची को इतनी बेरहम मौत दी की हर कोई कांप गया.
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एनकाउंटर की पूरी कहानी
बच्ची की हत्या के बाद से ही आरोपी सुनील फरार था और उस पर 25000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. पुलिस की 12 टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं.पुलिस को सूचना मिली कि सुनील फिरोजाबाद भागने की फिराक में है.मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बमौली कटारा क्षेत्र में घेराबंदी की.पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया तो उसने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. इस गोलीबारी में पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया.आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में सुनील को गोली लगी. उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की बाइक और तमंचा बरामद किया है.
क्या था पूरा मामला?
यह पूरी घटना 24 मार्च की है. थाना ताजगंज क्षेत्र में रहने वाली 8 साल की मासूम अचानक लापता हो गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी सुनील जो पिछले 2 साल से उसी घर में किराएदार था वह खुद भी बच्ची को ढूंढने का नाटक कर रहा था. शक होने पर जब पुलिस ने सुनील के कमरे की तलाशी ली तो वहां एक आटे के कनस्तर यानी टीन के डब्बे से बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ. बच्ची की गर्दन पर गहरे घाव थे और हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी. इस घटना के बाद आगरा में भारी बवाल हुआ था. गुस्साए लोगों ने वाहनों पर पथराव किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था.
आरोपी का बैकग्राउंड
सुनील एक जूते की फैक्ट्री में शू पेस्टिंग का काम करता था. परिजनों के मुताबिक उसने पिछले कुछ महीनों से किराया भी नहीं दिया था. पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस जघन्य अपराध में कोई और भी शामिल था.
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