UPPCS Success Story: चैट जीपीटी से ऐसे पढ़ाई कर रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी को मिली रैंक-2, इनकी कहानी चौंका देगी

UPPCS 2nd Topper Ananya Trivedi: UPPCS 2024 की सेकंड टॉपर अनन्या त्रिवेदी की प्रेरणादायक कहानी. रायबरेली की बेटी ने बिना कोचिंग, सेल्फ स्टडी और AI की मदद से हासिल की दूसरी रैंक. पिता की दुकान और मां के कड़े संघर्ष से डिप्टी कलेक्टर बनने तक का सफर.

Ananya Trivedi

शैलेंद्र प्रताप सिंह

30 Mar 2026 (अपडेटेड: 30 Mar 2026, 12:12 PM)

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UPPCS 2nd Topper Ananya Trivedi: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में रायबरेली की रहने वाली अनन्या त्रिवेदी रैंक 2 हासिल किया है. अनन्या त्रिवेदी की इस कामयाबी से उनके घर-परिवार में खुशी का माहौल है. अनन्या साल 2020 से UPSC की तैयारी कर रही थीं.लेकिन साल 2024 की UPPCS मेंस और इंटरव्यू में उन्होंने सीधे दूसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया. अनन्या के कामयाबी की खबर मिलते ही जब जब यूपी Tak की टीम उनके घर पहुंची तो उन्होंने खुलकर बात करते हुए अपनी पूरी तैयारी के बारे में बताया. इस दौरान उनकी मां भी साथ रहीं. 

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चैट जीपीटी और ऑनलाइन सोर्सेज से की तैयारी

यूपी Tak से बातचीत में अनन्या ने बताया कि उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि उनका नाम रैंक 2 में आ जाएगा. उन्होंने बताया कि वह ग्रामीण परिवेश से आती हैं. उनकी पढ़ाई एएस पब्लिक स्कूल से हुई है. अनन्या ने बताया कि 'पापा हमें स्कूल छोड़ने के लिए रोज 15 किलोमीटर दूर गांव से शहर आते थे. फिर वापस जाकर अपनी दुकान खोलते थे और छुट्टी के समय फिर लेने आते थे.' अनन्या की तैयारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इसके लिए किसी नामी कोचिंग का सहारा नहीं लिया. अनन्या का मानना है कि आज के दौर में कंटेंट की कमी नहीं है. उन्होंने चैट जीपीटी और ऑनलाइन सोर्सेज का बखूबी इस्तेमाल किया.उनके अनुसार इस जर्नी में यह बहुत जरूरी है कि आप अपने लो मोमेंट्स और फेल्योर को कैसे मैनेज करते हैं.

इमोशनल हुईं मां ने अनन्या से कही ये बात

बातचीत के दौरान अनन्या की मां भावुक हो गईं. उन्होंने अपनी बेटी की सफलता को ईमानदारी का फल बताया.अनन्या कहती हैं कि उनकी मां उनकी सबसे बड़ी आदर्श हैं जिन्होंने गांव में घर का काम संभालते हुए अनन्या और उनके भाई को पढ़ाया.इस दौरान अनन्या की मां ने उनसे कहा कि 'ईश्वर ने तुम्हें इतना बड़ा पद और जिम्मेदारी दी है इसे पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ निभाना. काम चाहे जितना कठिन हो, पीछे मत हटना.'

आगे क्या करना चाहती हैं अनन्या

अनन्या के लिए यह सफलता अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक लॉन्चिंग पैड है. वे अभी भी यूपीएससी के लिए प्रयास करना चाहती हैं.इसके अलावा वे 'क्लाइमेट क्राइसिस' (जलवायु संकट) जैसे मुद्दों पर काम करने की इच्छा रखती हैं जो उनके दिल के बेहद करीब है. उनका मानना है कि सिविल सेवा समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का सबसे बेहतरीन प्लेटफॉर्म है.