Moradabad water crisis: मुरादाबाद में ‘हर घर जल योजना’ फेल, हाथीपुर चित्तू में न पानी, न टंकी, टूटी सड़कों से लोग परेशान

Jal Jeevan Mission Moradabad: मुरादाबाद के हाथीपुर चित्तू गांव में ‘हर घर जल योजना’ अधूरी पड़ी है. महीनों पहले पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं हुई और अब ग्रामीण बदहाल रास्तों व पानी संकट से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है.

Moradabad News

Newzo

• 05:20 PM • 19 May 2026

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Moradabad News: कुंदरकी ब्लॉक की हाथीपुर चित्तू ग्राम पंचायत में ‘हर घर जल योजना’ के तहत महीनों पहले हुई खोदाई के बावजूद न तो पेयजल आपूर्ति शुरू हुई और न ही पानी की टंकी का निर्माण पूरा हो सका. पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की ठीक से मरम्मत न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है.

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जिले के विकासखंड कुंदरकी की ग्राम पंचायत हाथीपुर चित्तू में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर-घर जल योजना' पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है. विकास के बड़े-बड़े दावों के विपरीत इस गांव में आज भी घर-घर शुद्ध पेयजल पहुँचाने का सपना अधूरा पड़ा है. भीषण गर्मी के इस मौसम में जहाँ ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं योजना के नाम पर गाँव की सड़कों को भी मलबे में तब्दील कर दिया गया है. पाइपलाइन दबाने के बाद सड़कों की सही से मरम्मत न होने के कारण ग्रामीणों में प्रशासन और कार्यदायी संस्था के खिलाफ भारी आक्रोश है.

 बरसों बाद भी अधर में लटकी योजना, पानी के टैंक तक का अता-पता नहीं 

ग्राम पंचायत हाथीपुर चित्तू के ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में हर घर तक पानी पहुँचाने के नाम पर महीनों पहले खोदाई तो कर दी गई, लेकिन जल आपूर्ति शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. गाँव में पानी की टंकी (वाटर टैंक) का निर्माण तक नहीं कराया गया है. ऐसे में 'हर घर जल' का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है. झुलसा देने वाली गर्मी में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

 मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी, हादसे का सबब बनीं सड़कें 

जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए गाँव के मुख्य रास्तों और अंदरूनी सड़कों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. कार्यदायी संस्था ने नियमों को ताक पर रखकर सड़कों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की. नाममात्र के पैचवर्क के कारण आज गाँव की अधिकांश सड़कें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं. जगह-जगह गहरे गड्ढे और बिखरी गिट्टी के कारण आए दिन राहगीर और दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं. बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों का इन रास्तों से निकलना दूभर हो गया है.

 ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी 

गाँव की इस दुर्दशा को लेकर पूर्व ग्राम प्रधान पति अनीस अहमद, प्रमुख समाजसेवी मोहम्मद आजाद और इकरार चौधरी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने तीखी नाराजगी जताई है. ग्रामीणों का कहना है कि योजना के नाम पर गाँव का विकास होने के बजाय उसे कई साल पीछे धकेल दिया गया है.बरसों बीत जाने के बाद भी शुद्ध पेयजल की सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी.घटिया मरम्मत कार्य के कारण गाँव की सड़कें आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रही हैं. 

ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि जल्द ही क्षतिग्रस्त सड़कों का नए सिरे से निर्माण नहीं कराया गया और पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के लिए पानी की टंकी का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे विकासखंड से लेकर जिला मुख्यालय के आला अधिकारियों का घेराव करने को मजबूर होंगे.