UPSI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' वाले विकल्प पर मचा बवाल तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कह दी ये बात

UP Police Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 में आए विवादित प्रश्न के कारण सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. सरकार ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

यूपी तक

15 Mar 2026 (अपडेटेड: 15 Mar 2026, 02:41 PM)

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UP Police Recruitment 2026:14 मार्च 2026 को आयोजित यूपी पुलिस दरोगा भर्ती की पहली शिफ्ट की परीक्षा में हिंदी का एक प्रश्न सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. पेपर में सवाल सामान्य था कि 'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला.' लेकिन इस सवाल के विकल्प में 'पंडित' को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सत्ता के गलियारों तक सवाल उठने लगे. बवाल बढ़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती बोर्ड ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा है कि 'किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा का अपमान परीक्षा में स्वीकार्य नहीं है.'

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परीक्षा का आयोजन और गोपनीयता

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने कहा कि प्रश्नपत्र बोर्ड स्वयं नहीं बनाता. यह काम पूरी तरह से गोपनीय संस्थाओं के माध्यम से होता है ताकि परीक्षा से पहले किसी को भी प्रश्नपत्र की जानकारी न हो. परीक्षा केंद्र पर ही सील पैकेट खोलकर छात्रों में वितरित किया जाता है. बोर्ड के किसी अधिकारी या कर्मचारी को पहले से प्रश्नपत्र देखने की अनुमति नहीं होती. 

विवादित प्रश्न पर सरकार की प्रतिक्रिया

डेप्युटी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अगर किसी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंची हो तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का महत्व

इस भर्ती परीक्षा में लगभग 15 लाख अभ्यर्थी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं और कई उम्मीदवार दूसरे राज्यों से भी आए हैं. कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने के लिए एक दिन पहले ही शहरों में ठहरे, जबकि कुछ ने स्टेशन या सड़क किनारे रात बिताई. यह परीक्षा उनके लिए पुलिस में करियर बनाने का सबसे बड़ा अवसर है.

निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा की व्यवस्था

पुलिस भर्ती बोर्ड ने यह भी कहा कि 14 मार्च की पहली पाली में आए विवादित प्रश्न की गहन जांच की जा रही है. दोषी पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि सभी समाजों का सम्मान और संवेदनशीलता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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