एक छोटी सी गलती पर मनीष सिंह की आंख निकालकर जिन लोगों ने की थी खौफनाक हत्या, वो बुरे फंसे अब पछताएंगे

Varanasi Crime News: वाराणसी के घहमापुर में मामूली विवाद में मनीष सिंह की नृशंस हत्या से सनसनी फैल गई है. पीड़ित परिवार अब आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहा है.

Varanasi News

रोशन जायसवाल

30 Apr 2026 (अपडेटेड: 30 Apr 2026, 07:30 PM)

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Varanasi Crime News: वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के घहमापुर गांव में मनीष हत्याकांड का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. यहं एक मामूली एक्सीडेंट के बाद ग्रामीणों की भीड़ ने 36 साल के मनीष सिंह की लाठी-डंडे और  ईंट-पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी. हमलावरों का दिल मनीष की गिड़गिड़ाहट सुनकर भी नहीं पसीजा और उनकी एक आंख तक निकाल ली गई. इस हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार न्याय के लिए सड़क पर है. मनीष का परिवार अब आरोपियों के खिलाफ एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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यह घटना उस वक्त हुई जब मनीष सिंह अपनी दोने-पत्तल की फैक्ट्री से घर लौट रहे थे. घर से चंद कदम दूर उनकी कार से एक महिला को हल्की चोट लग गई. मनीष ने जिम्मेदारी दिखाते हुए महिला का इलाज कराने की पेशकश भी की. लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और पहचानते हुए भी उन पर जानलेवा हमला कर दिया. मनीष के पीछे उनकी पत्नी, दो बेटियां और मात्र 6 महीने का एक बेटा रह गया है. 

एसओजी की टीम पर भी ग्रामीणों ने किया था हमला

इस घटना ने तब और उग्र रूप ले लिया जब दबिश देने पहुंची एसओजी टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर उन्हें बंधक बना लिया और उनके असलहे भी छीन लिए. पुलिस ने अब तक 8 नामजद आरोपियों में से 4 को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति और अभिषेक उर्फ बुद्धू शामिल हैं. वहीं फरार चल रहे 5 मुख्य आरोपी आशीष, मनीष, दीपक, गोविंद और नागेंद्र राजभर पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस टीम पर हमला करने वाले 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है.

गांव में सन्नाटा

घटना के बाद से घहमापुर गांव छावनी में तब्दील हो गया है. डर के मारे एक जाति विशेष के लोग घरों में ताला लगाकर पलायन कर गए हैं. गांव के रास्तों पर पुलिस और आरएएफ का कड़ा पहरा है. डीसीपी गोमती नीतू कादयान ने बताया कि मामले की जांच जारी है और किसी भी राजनीतिक साजिश के बजाय यह घटना महज एक तात्कालिक विवाद का परिणाम नजर आ रही है.

बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहा परिवार

मनीष की बहन मनीषा और दादी सुदामा सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने सरकार से सख्त अपील की है कि आरोपियों को उनके किए की सजा मिलनी चाहिए. परिवार का कहना है कि सिर्फ जेल भेजने से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा बल्कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए और उनका भी वैसा ही अंत होना चाहिए जैसा उन्होंने मनीष का किया.