उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक नई चर्चा जोरों पर है कि क्या बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थामने वाले हैं? समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा उन्हें 'अपना नेता' और 'गोंडा का नेता' संबोधित किए जाने के बाद यूपी की राजनीति में भूचाल आ गया है. पिछले कुछ समय से बृजभूषण लगातार अखिलेश यादव की तारीफ कर रहे हैं जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह 2027 या 2029 के चुनावों से पहले पाला बदलने की तैयारी में हैं.
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अखिलेश यादव का बड़ा बयान
हाल ही में जब अखिलेश यादव से बृजभूषण शरण सिंह के सपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं और वहां से निकलना चाहते हैं. उन्होंने बृजभूषण का जिक्र करते हुए उन्हें 'हमारे साथ रहे गोंडा के नेता' बताया और कहा कि राजनीति में क्या मोड़ आता है यह वही बेहतर बता सकेंगे.
बृजभूषण के बदले हुए सुर
बृजभूषण शरण सिंह पिछले कुछ समय से बीजेपी में अपनी स्थिति को लेकर असहज नजर आ रहे हैं. उन्होंने हाल ही में अखिलेश यादव की राजनीति की जमकर सराहना की. दरअसल, अखिलेश यादव ने बीजेपी विधायक अनुपमा जायसवाल के झुलसने पर उनसे मुलाकात की थी जिसे बृजभूषण ने बड़प्पन का परिचय बताया और अखिलेश को साधुवाद दिया. उन्होंने यहां तक कह दिया कि राजनीति में एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होना एक अच्छी परंपरा है.
बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह का समाजवादी पार्टी से पुराना नाता रहा है. वह 2009 से 2014 तक सपा के सांसद रह चुके हैं. वर्तमान में बीजेपी के साथ उनके रिश्तों में वो पहले वाली गर्मजोशी नहीं दिख रही है. भागलपुर की एक रैली में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि 'अगर मैं बोझ हूं तो बता दिया जाए मैं 27 और 29 (चुनावों) पर फैसला कर दूंगा.'
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