Biopharma Shakti Yojana Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में देश के स्वास्थ्य और तकनीकी भविष्य को बदलने वाला एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. सरकार ने 'बायोफार्मा शक्ति' (Biopharma Shakti) योजना की घोषणा की है, जिसके तहत अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह योजना न केवल भारत को दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि बायोटेक्नोलॉजी और एआई (AI) के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए रोजगार का महासागर भी खोलेगी.
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क्या है 'बायोफार्मा शक्ति' योजना?
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य भारत को वैश्विक बायोफार्मास्यूटिकल्स निर्माण का केंद्र बनाना है. सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक 500 अरब डॉलर के वैश्विक बायोफार्मा मार्केट में भारत की हिस्सेदारी को कई गुना बढ़ाया जाए.
वित्त मंत्री के ऐलान की मुख्य बातें
7 नए अनुसंधान पार्क: देश के विभिन्न हिस्सों में सात अत्याधुनिक रिसर्च पार्क स्थापित किए जाएंगे.
1000 AI-सक्षम क्लिनिकल ट्रायल साइट्स: आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से दवाओं का परीक्षण अब 30-40% तेजी से होगा.
इकोसिस्टम का विकास: बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के उत्पादन के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना.
आम जनता को क्या होगा फायदा?
- सस्ती दवाएं: स्वदेशी नवाचार बढ़ने से दवाओं की लागत में भारी कमी आएगी.
- गंभीर बीमारियों का इलाज: कैंसर और डायबिटीज जैसी घातक बीमारियों के लिए नई पीढ़ी की दवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी.
- संकट के लिए तैयारी: कोविड-19 जैसी भविष्य की महामारियों से निपटने में भारत अब और अधिक सक्षम होगा.
- पर्यावरण का ध्यान: यह योजना 'सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग' यानी पर्यावरण के अनुकूल दवा उत्पादन को बढ़ावा देगी.
रोजगार के अवसर: युवाओं के लिए 'गोल्डन चांस'
'बायोफार्मा शक्ति' योजना केवल एक सरकारी फंड नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का जरिया बनेगी.
इन सेक्टर्स में मिलेंगी नौकरियां:
रिसर्च और मैनेजमेंट: बीटेक, एमएससी या पीएचडी धारक युवा अनुसंधान पार्कों में वैज्ञानिक, रिसर्चर या प्रोजेक्ट मैनेजर बन सकेंगे.
AI और डेटा साइंस: एआई विशेषज्ञ क्लिनिकल ट्रायल साइट्स पर डेटा एनालिस्ट या मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में काम कर सकेंगे.
सैलरी पैकेज: इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन 8 लाख से 15 लाख रुपये सालाना तक हो सकता है.
स्किल डेवलपमेंट: 'स्किल इंडिया' जैसे प्रोग्राम्स के जरिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवा मैन्युफैक्चरिंग और क्वालिटी कंट्रोल विभाग में नौकरी पा सकेंगे.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोषणा भारतीय जीडीपी (GDP) में स्वास्थ्य क्षेत्र के योगदान को बढ़ाएगी और निर्यात के नए रास्ते खोलेगी. स्टार्टअप्स और एसएमई के लिए भी सरकार फंडिंग और मेंटरिंग की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे नए उद्यमी उभरेंगे. बजट 2026 की यह घोषणा स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए एक 'मील का पत्थर' है. यह न केवल भारत को 'बायोफार्मा सुपरपावर' बनाएगी, बल्कि देश की युवा प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी.
अगर आप बायोटेक, फार्मा या डेटा साइंस के छात्र हैं, तो अपनी स्किल्स को और बेहतर बनाने का यह सबसे सही समय है.
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