यूपी में पंचायत चुनाव टालने की कोशिश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, सरकार को दिया बड़ा अल्टीमेटम!

यूपी तक के खास शो 'आज का यूपी' में देखिए पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और ओबीसी आरक्षण का पूरा समीकरण. साथ ही जानिए क्यों करणी सेना के नेता अभिनव सिंह अपनी ही पार्टी की कार्रवाई से सदमे में हैं.

Panchayat Chunav Update

कुमार अभिषेक

19 Mar 2026 (अपडेटेड: 19 Mar 2026, 09:03 AM)

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यूपी तक का खास शो 'आज का यूपी' हाजिर है जिसमें हम राज्य की तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करते हैं. आज के अंक में सबसे पहली और बड़ी खबर यूपी पंचायत चुनावों को लेकर है जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार को चुनाव न टालने और जल्द टाइम-टेबल जारी करने का आदेश दिया है. दूसरी खबर में हम चर्चा करेंगे ओबीसी आरक्षण और 'ट्रिपल टेस्ट' की उस पहेली की जिसके कारण चुनावों पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. वहीं तीसरी खबर बाराबंकी से है जहां आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 'रावण' को रोकने का दावा करने वाले करणी सेना के नेता अभिनव सिंह अब अपनी ही संगठन की कार्रवाई के बाद सदमे में हैं.

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पंचायत चुनावों पर हाईकोर्ट का हंटर

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की आहट तेज हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया है कि चुनावों को किसी भी कीमत पर टाला नहीं जाना चाहिए. कोर्ट ने सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगते हुए पूछा है कि चुनाव का पूरा शेड्यूल क्या है. दरअसल 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. लेकिन ओबीसी आरक्षण के निर्धारण में हो रही देरी के कारण सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे थे. कोर्ट के इस दखल के बाद अब शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि सरकार को जल्द ही चुनावी कार्यक्रम पेश करना होगा.

ओबीसी आरक्षण का पेंच: क्या 'ट्रिपल टेस्ट' बनेगा चुनाव टालने का बहाना?

पंचायत चुनावों में देरी की सबसे बड़ी वजह 'ओबीसी आरक्षण' का मुद्दा बना हुआ है. सरकार ने इसके लिए एक डेडिकेटेड पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है जो 'ट्रिपल टेस्ट' के जरिए डेटा इकट्ठा कर रहा है. पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का दावा है कि 15 अप्रैल तक वोटर लिस्ट का काम पूरा हो जाएगा और चुनाव समय पर होंगे. हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि अभी सीटों के आरक्षण का काम शुरू भी नहीं हो पाया है. जानकारों का मानना है कि सरकार इस रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनावों को विधानसभा चुनाव के करीब ले जाना चाहती थी. लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाहर जाना 'अनकॉनस्टिट्यूशनल' (असंवैधानिक) होगा.

करणी सेना के नेता को 'अपनों' ने ही दिया झटका: चंद्रशेखर आजाद से टकराव पड़ा भारी

बाराबंकी में करणी सेना के जिला अध्यक्ष अभिनव सिंह इन दिनों गहरे सदमे में हैं. कुछ दिनों पहले अभिनव ने भारी मीडिया जमावड़े के बीच चंद्रशेखर आजाद 'रावण' को बाराबंकी की धरती पर कदम न रखने देने की चुनौती दी थी. उन्होंने लाठी-डंडे और 'चमड़ा उधेड़ देने' जैसे तीखे बयानों का इस्तेमाल किया था. इसके बावजूद चंद्रशेखर आजाद न सिर्फ बाराबंकी आए बल्कि भारी भीड़ के साथ अपना कार्यक्रम भी किया. इस पूरे घटनाक्रम के बाद करणी सेना के हाईकमान ने अनुशासनहीनता का हवाला देते हुए अभिनव सिंह से पल्ला झाड़ लिया और उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया. अब अभिनव सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा लिख रहे हैं जिसे लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हैं.