Prateek Yadav Death News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरे प्रदेश में शोक का माहौल है. इस बीच उनकी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक बयान जारी किया है. अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार की जानकारी साझा की. जानकारी के मुताबिक लखनऊ लौटने के बाद अपर्णा यादव पूरी रात अपने पति प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के पास बैठी रहीं. उनके लिए यह रात बेहद भारी और गमगीन रही. इस दौरान उनकी दोनों बेटियां भी उनके साथ मौजूद रहीं.
अपर्णा यादव ने देर रात करीब 11:30 बजे लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि पद्म विभूषण पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी के सुपुत्र एवं सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार कल प्रातः 11:00 बजे बैकुंठ धाम में संपन्न होगा. इस दुखद घड़ी में आप सभी की गरिमामय उपस्थिति प्रार्थनीय है.' बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव के निधन के समय अपर्णा यादव लखनऊ में मौजूद नहीं थीं. वह बाहर गई हुई थीं, लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत फ्लाइट से लखनऊ लौट आईं.
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई वजह
इसी बीच प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की शुरुआती वजह भी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत पल्मोनरी थ्रोम्बो एंबुलिज्म यानी फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने के कारण हुई. डॉक्टरों के अनुसार इससे दिल और फेफड़ों ने अचानक काम करना बंद कर दिया. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीमारी के कारण उनके बाएं पैर के अंगूठे का नाखून नीला पड़ गया था. इसके अलावा शरीर पर पुरानी चोट के कुछ निशान भी मिले हैं. डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और हार्ट के कुछ हिस्सों को सुरक्षित रखा है.
सीएम योगी और अखिलेश यादव पहुंचे घर
प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके आवास पर नेताओं और समर्थकों का लगातार पहुंचना जारी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लखनऊ स्थित आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान सीएम योगी ने अपर्णा यादव और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर सांत्वना दी. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी अपने छोटे भाई को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन वह देश के चर्चित राजनीतिक परिवार से जुड़े थे. यही वजह रही कि उनके निधन पर सपा और बीजेपी दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में घर पहुंचे.
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