भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह ने 5 जनवरी को अपना 40वां जन्मदिन मनाया. शुरुआती वीडियो में केक काटने के तरीके को लेकर भले ही उनकी आलोचना हुई हो. लेकिन अगले ही दिन लखनऊ में जो सियासी नजारा दिखा उसने विरोधियों के होश उड़ा दिए. मंच पर पवन सिंह के साथ बिहार के कई दिग्गज नेता नजर आए. लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) के नेताओं की मौजूदगी रही.
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यहां देखें वीडियो रिपोर्ट
पवन सिंह की पार्टी में पहुंचे आरएलएम के 3 विधायक
पवन सिंह के जन्मदिन पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा. लेकिन सबकी नजर उन चेहरों पर टिकी थी जो मंच पर उनके ठीक पीछे खड़े थे. इनमें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) के तीन बड़े नाम शामिल थे.आरएलएम विधायक दल के नेता माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आरएलएम के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार सिंह जिन्होंने पवन सिंह की माता जी से भी मुलाकात की.
दिलचस्प बात यह रही कि जहां आरएलएम के विधायक और बड़े नेता पवन सिंह को पावर स्टार बताते हुए लखनऊ तक दौड़ लगा रहे थे. वहीं पार्टी मुखिया उपेंद्र कुशवाहा के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर सन्नाटा पसरा रहा. गौर करने वाली बात यह है कि पवन सिंह वही नेता हैं जिन्होंने काराकाट लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की हार में बड़ी भूमिका निभाई थी. ऐसे में अपनी ही पार्टी के विधायकों का दुश्मन पाले में जाकर जश्न मनाना कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
पवन सिंह को लेकर गलियारों में चर्चा तेज है कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह बीजेपी ने नितिन नवीन को छत्तीसगढ़ में बड़ी जिम्मेदारी देकर प्रयोग किया. वैसा ही कुछ पावर स्टार के साथ भी हो सकता है. युवाओं और राजपूत वोट बैंक पर पवन सिंह की पकड़ को देखते हुए एनडीए उन्हें एक बड़ी संगठनात्मक या संसदीय जिम्मेदारी दे सकती है. इस जन्मदिन को महज एक संयोग नहीं बल्कि बिहार की भावी राजनीति का एक टीजर माना जा रहा है. आरएलएम के विधायकों का पवन सिंह के साथ मंच साझा करना इशारा कर रहा है कि आने वाले दिनों में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी टूट हो सकती है या एनडीए अब कुशवाहा के बजाय पवन सिंह को ज्यादा तरजीह दे सकता है.
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