कौन हैं सोमेश आनंद? राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने का है आरोप... UP Tak पर दी यह सफाई

Somesh Anand: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में घिरे सोमेश आनंद ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. UP Tak से बातचीत में उन्होंने करोड़ों रुपये की हेराफेरी, फरारी और गोपाल राव के रिश्तेदार होने के दावों को खारिज कर दिया है.

यूपी तक

22 Jun 2026 (अपडेटेड: 22 Jun 2026, 04:58 PM)

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Somesh Anand : राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में एसआईटी (SIT) की जांच के बीच एक नए किरदार की एंट्री हो गई है. इनका नाम सोमेश आनंद (Somesh Anand) है. सोशल मीडिया पर सोमेश को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. आरोप हैं कि यह शख्स बोरी भर-भर कर करोड़ों रुपये अपने घर पहुंचाता था और लगातार फरार चल रहा है. इतना ही नहीं, सोमेश को राम मंदिर के मुख्य व्यवस्थापक गोपाल राव का बेहद करीबी और भतीजा तक बताया जा रहा है. इन तमाम  दावों पर पहली बार सोमेश आनंद ने 'यूपी तक' से खास बातचीत करते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी है और कई बड़े खुलासे किए हैं.

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कौन है सोमेश आनंद?

'यूपी तक' से फोन पर हुई बातचीत में सोमेश आनंद ने अपने बारे में कई अहम जानकारियां साझा की हैं. उसने बताया कि उसका वास्तविक नाम सोम शंकर आनंद है और वह मूल रूप से कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के निवासी है. सोमेश ने बताया कि वह 2014 से 2021 तक विश्व हिंदू परिषद (VHP) में पूर्णकालिक संगठन मंत्री रह चुके हैं. इस दौरान उन्होंने सेडम तालुका से लेकर जिला और फिर महानगर के संगठन मंत्री के तौर पर काम किया है. इसी संगठनात्मक कामकाज के दौरान उनकी मुलाकात गोपाल राव से हुई थी, जो उस वक्त क्षेत्र संगठन मंत्री हुआ करते थे. सोमेश ने 2023 में अयोध्या राम मंदिर का कामकाज संभाला था.

बोरी भर-भर कर पैसे घर ले जाने का आरोप!

जब सोमेश आनंद से सोशल मीडिया पर चल रहे उन आरोपों के बारे में पूछा गया, जिनमें कहा जा रहा है कि वह करोड़ों रुपये बोरी भर-भर कर अपने घर ले गए, तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. सोमेश ने पलटवार करते हुए कहा, 'मैं क्यों ले जाऊं? मुझे क्या जरूरत है घर पैसे पहुंचाने की? मुझे क्या कमी है? भगवान ने पहले से ही बहुत दे रखा है.' उसने अपने पारिवारिक बैकग्राउंड का हवाला देते हुए बताया कि उसके पिता और दादा के नाम पर 70 एकड़ और 22 एकड़ जमीन है और 1 करोड़ की अलग प्रॉपर्टी है. उसने कहा कि साल 2005 के बाद से उसने अपने नाम पर एक फीट भी जमीन नहीं खरीदी है.

'साक्ष्य हैं तो सीएम और SIT को दें'

खुद पर लग रहे चोरी के आरोपों और बदनामी को लेकर सोमेश आनंद ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उसे और गोपाल राव को बदनाम करने के लिए यह सब कर रहे हैं. उसने गोपाल राव का भतीजा होने के दावे को पूरी तरह से गलत बताया है. सोमेश ने आरोप लगाने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा, 'जो लोग आरोप लगा रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर आपके पास साक्ष्य (सबूत) हैं तो आप मुख्यमंत्री जी को दे दीजिए, एसआईटी को दे दीजिए.'

सैलरी, यात्राएं और फोन बंद होने पर दी सफाई

राम मंदिर में मिलने वाली सैलरी को लेकर सोमेश ने खुलासा किया कि उसे 25,000 रुपये सैलरी मिलती है और रहना-खाना सब ट्रस्ट की तरफ से मुफ्त है. जब उससे पूछा गया कि क्या वह जांच के डर से भाग रहा है और उसका फोन स्विच ऑफ है, तो उसने साफ इनकार कर दिया. उसने अपना कॉल लॉग दिखाते हुए कहा कि उसका मोबाइल कभी बंद नहीं हुआ है. वह लगातार कॉल रिसीव कर रहा है. इसके अलावा, बीते चार दिनों में 50 बार यात्राएं करने के दावों पर उसने कहा कि वह पिछली बार नवंबर में घर गया था, उसके अलावा कहीं नहीं गया है.