'ब्राह्मण, साधु और भगवान का हक खाना अपराध...', राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी पर भड़के महंत धर्मदास महाराज

Mahant Dharamdas Statement: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर साधु-संतो में भी भारी नाराजगी दिख रही है. हनुमानगढ़ी के महंत और राम जन्मभूमि के मुख्य पक्षकारों में से एक रहे महंत धर्मदास महाराज ने इस कथित घोटाले पर गहरा दुख व्यक्त किया है.

यूपी तक

22 Jun 2026 (अपडेटेड: 22 Jun 2026, 04:56 PM)

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Mahant Dharamdas Statement: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर साधु-संतो में भी भारी नाराजगी दिख रही है. हनुमानगढ़ी के महंत और राम जन्मभूमि के मुख्य पक्षकारों में से एक रहे महंत धर्मदास महाराज ने इस कथित घोटाले पर गहरा दुख व्यक्त किया है और राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव की मांग करते हुए महासचिव चंपत राय पर सीधा हमला बोला है. फिलहाल एसआईटी (SIT) ने इस पूरे मामले में अपनी 140 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा जाएगा. 

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SIT की 140 पन्नों की रिपोर्ट तैयार, 25 लोगों पर गिरेगी गाज!

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने राम मंदिर के सचिव से बंद कमरे में करीब 3 घंटे तक लंबी पूछताछ की है. 140 पन्नों की इस विस्तृत जांच रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं और जिम्मेदारियों को चिन्हित किया गया है. जानकारी के अनुसार, छह दिन की इस जांच में लगभग 150 संदिग्धों से पूछताछ की गई है, जिनमें से 25 लोगों पर कड़ी कार्रवाई की पूरी संभावना जताई जा रही है.

'ब्राह्मण और भगवान का हक मारना बड़ा अपराध'

इस पूरे विवाद पर महंत धर्मदास महाराज का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने इसे पूरे भारतवर्ष के लिए एक निंदनीय कार्य बताते हुए कहा, 'ब्राह्मण, साधु और भगवान का हक खाना बहुत बड़ा अपराध है. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो भगवान का अनहित कर रहे हैं. ब्राह्मण और साधु-महात्मा को सता कर किसी का वंश नहीं चलता है.' उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के लालच और लापरवाही की वजह से यह सब हो रहा है और राम जन्मभूमि में फालतू लोगों को लाकर लूट का यह काम आज से नहीं बल्कि शुरू से चल रहा है.

'योगी जी किसी चोर को नहीं बख्शेंगे'

जांच प्रक्रिया और मुख्यमंत्री पर पूर्ण विश्वास जताते हुए महंत धर्मदास ने कहा कि एसआईटी की जांच में पूरा सत्य निकलकर सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा, 'योगी जी किसी चोर को बख्शेंगे नहीं, और अगर वो बख्शेंगे तो भगवान नहीं बख्शेंगे.' उन्होंने गोरखनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि सीएम योगी खुद एक मठ-मंदिर वाले हैं और जानते हैं कि व्यवस्था कैसे चलती है. गोरखनाथ मंदिर में 50 मंदिर एक साथ हैं, लेकिन वहां एक रुपये की भी चोरी नहीं होती और गलती करने वालों की कड़ी सजा दी जाती है.

ट्रस्ट व्यवस्था खत्म कर 'महंताई व्यवस्था' लागू की मांग

राम मंदिर की वर्तमान संचालन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए महंत धर्मदास महाराज ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने मांग की है कि मंदिर में ट्रस्ट व्यवस्था की जगह पारंपरिक 'महंताई व्यवस्था' लागू होनी चाहिए. उन्होंने दो टूक कहा, 'ट्रस्ट का काम सिर्फ पैसे-रुपये की व्यवस्था देखना होना चाहिए. मंदिर में पुजारी कौन रहेगा और पूजा कैसे होगी, यह ट्रस्ट का काम नहीं है. दुनिया रामलला के दर्शन करने आती है, आम लोग धर्मदास या चंपत राय के दर्शन करने नहीं आते.' उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं में तत्काल परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया है.