राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन तय! SIT की जांच पूरी... 150 संदिग्धों की पड़ताल के बाद 25 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी?

Ram Mandir SIT Report: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने वाली है. छह दिनों तक चली इस सघन जांच में करीब 150 संदिग्धों की गतिविधियों को परखा गया है, जिनमें से कम से कम 25 लोगों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है.

यूपी तक

22 Jun 2026 (अपडेटेड: 22 Jun 2026, 12:21 PM)

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Ram Mandir SIT Report: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने वाली है. छह दिनों तक चली इस सघन जांच में करीब 150 संदिग्धों की गतिविधियों को परखा गया है, जिनमें से कम से कम 25 लोगों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है. जानकारी के मुताबिक, यह रिपोर्ट केवल दोषियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज के तौर-तरीकों, प्रशासनिक ढांचे और फैसले लेने की पूरी प्रक्रिया पर भी कई बड़े सवाल खड़े किए गए हैं.

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25 सेवादारों पर गिर सकती है गाज

राम मंदिर में चढ़ावा गबन के मामले में एसआईटी (SIT) ने अपनी पड़ताल पूरी कर ली है और अब सबको उस रिपोर्ट का इंतजार है जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा. सूत्रों की मानें तो इस छह दिन की जांच में 150 संदिग्धों को जांच के दायरे में लाया गया और अब इनमें से लगभग 25 लोगों पर सीधे तौर पर गाज गिर सकती है. बताया जा रहा है कि जिन लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है, उनमें ज्यादातर चढ़ावे की व्यवस्था से जुड़े सेवादार शामिल हो सकते हैं.

ट्रस्ट के कामकाज के मॉडल पर सवाल

एसआईटी की यह जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के अंदर कामकाज के मौजूदा तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जांच टीम ने वर्तमान व्यवस्था के अंदर पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कई खामियों का जिक्र किया है. रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिया गया है कि काम किस तरह संचालित होता है, फैसले किस प्रक्रिया से लिए जाते हैं और वहां निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है.

दर्जन भर बड़े नामों के लिखित बयान

इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान एसआईटी ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है. जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान लगभग दर्जन भर बड़े नामों और प्रमुख सेवादारों के लिखित बयान लिए गए हैं. जांच सिर्फ बयान दर्ज करने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अब उन बयानों का उनकी आपसी बातचीत, दस्तावेजों और अन्य एविडेंस (सबूतों) के साथ बारीकी से मिलान किया जा रहा है. जांच टीम इन सभी आधारों पर एक 'बिग पिक्चर' तैयार करने की कोशिश कर रही है.

नई व्यवस्था और पारदर्शी सिस्टम की सिफारिश

SIT की रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ियों का जिक्र जरूर है, लेकिन सीधे तौर पर किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराने की संभावना कम है. रिपोर्ट का रुख व्यक्तियों की बजाय 'सिस्टम और प्रक्रियाओं' की तरफ ज्यादा है. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में सिर्फ कमियों को चिन्हित नहीं किया है, बल्कि नए ट्रस्ट के लिए नई व्यवस्था की सिफारिश भी की है. इसका मुख्य मकसद प्रशासनिक जिम्मेदारियों को ज्यादा स्पष्ट करना और भविष्य में कामकाज को ज्यादा पारदर्शी बनाना है.