Jaunpur Murder Case: जौनपुर जिले में 1 मई को हुई दूल्हा आजाद बिंद की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब बरात के दौरान अचानक हुई फायरिंग में दूल्हा आजाद बिंद गंभीर रूप से घायल हो गए. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड के पीछे एक लड़की का रिश्तेदार प्रदीप बिंद था, जिसने कथित तौर पर अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची. पुलिस ने इस मामले में प्रदीप बिंद, रवि यादव, भोले राजभर समेत कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उन पर इनाम भी घोषित किया.
ADVERTISEMENT
मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे रवि यादव को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया. हालांकि, इस कार्रवाई के बाद मृतक आरोपी के परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. परिजनों का आरोप है कि पुलिस केवल रवि यादव को निशाना बना रही है, जबकि मामले के अन्य आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई. परिवार ने पुलिस पर पक्षपात करने और एक विशेष समुदाय को टारगेट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई हो रही है तो सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए. उनका कहना है कि पुलिस ने अब तक हत्या से जुड़े ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए हैं और केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है.
वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है. दूसरी ओर, ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने अदालत और सरकार से निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग की है. इस हत्याकांड ने न सिर्फ जौनपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस कार्यप्रणाली, प्रशासनिक रवैये और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बहस छेड़ दी है. अब सभी की नजरें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस बहुचर्चित मामले के न्यायिक निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं.
यह भी पढ़ें: ट्विषा शर्मा डेथ केस में आरोपी सास गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द, जांच में आया नया मोड़
ADVERTISEMENT









