आगरा में जिप लाइन एडवेंचर के दौरान खुला सेफ्टी लॉक, 16 साल के कुणाल की गिरकर मौत

आगरा के जिप लाइन पर 16 वर्षीय कुनाल की सुरक्षा की कमी से मौत हो गई. प्रशासन ने पुण जांच शुरू कर दी है.

यूपी तक

• 04:48 PM • 26 May 2026

follow google news

आगरा की चमकती चौपाटी (EOD एडवेंचर पार्क) में मौज-मस्ती और एडवेंचर का शौक एक हंसते-खेलते परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा मातम बन गया. फिरोजाबाद से परिवार के साथ घूमने आए 16 वर्षीय कुणाल की जिप लाइन राइड के दौरान ऊंचाई से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई. हादसे का एक खौफनाक 17 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसे कुणाल का छोटा भाई अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहा था. वीडियो में साफ दिख रहा है कि राइड शुरू होने के महज 4-5 मीटर आगे बढ़ते ही अचानक जिप लाइन का सेफ्टी लॉक खुल गया और कुणाल सीधे नीचे लोहे की रॉड्स और जमीन पर आ गिरा. इस घटना के बाद आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने पूरे एम्यूजमेंट पार्क को अग्रिम आदेशों तक सील कर दिया है और पुलिस ने चौपाटी मैनेजर सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया है.

यह भी पढ़ें...

"मेरी ही लापरवाही से बच्चा चला गया..."

इस हादसे ने कुणाल के माता-पिता को ऐसा सदमा दिया है जिससे पूरा इलाका दहल गया है. जिस मां ने कुछ मिनट पहले अपने लाडले को मुस्कुराते हुए एडवेंचर राइड के लिए भेजा था, वही मां अब उसके शव से लिपट कर बदहवास है. कुणाल के पिता पंकज अग्रवाल ने रोते हुए बताया कि 'हम शाम करीब 4:00 बजे पार्क पहुंचे थे. बच्चे ने जिद की कि मैं इस पर झूलना चाहता हूं, तो मैंने उसकी खुशी के लिए टिकट ले ली. जैसे ही वह झूले पर चढ़ा और हवा में थोड़ा ही आगे बढ़ा, वह नीचे गिर गया. मेरा छोटा बेटा उसका वीडियो बना रहा था और उसी वीडियो में वह गिरता हुआ दिख रहा है. इन लोगों की लापरवाही की वजह से मेरा 16 साल का बड़ा बेटा चला गया. मैं उसे घुमाने लाया था, अब उसके शव को कैसे घर लेकर जाऊंगा?"

17 सेकंड का वो खौफनाक वीडियो और ग्राउंड जीरो का मंजर

पार्क के ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, यह पार्क आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) द्वारा संचालित है. लेकिन इसका टेंडर दिल्ली की एक निजी कंपनी 'विज़न एम्यूजमेंट पार्क प्राइवेट लिमिटेड' (EOD एडवेंचर पार्क) के पास है. यहां प्रति राइड या कॉम्बो के लिए करीब ₹200 चार्ज किए जाते हैं. हादसे के वक्त कुणाल पहले टावर से जैसे ही जिप लाइन के जरिए आगे बढ़ा, सेफ्टी बेल्ट का हुक प्रॉपर तरीके से लॉक न होने के कारण खुल गया. कुणाल सिर्फ 4 से 5 मीटर की दूरी ही तय कर पाया था कि वह सीधे नीचे लगे लोहे के जाल और रॉड से टकराते हुए जमीन पर आ गिरा. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ में चीख-पुकार मच गई.

अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

वहां तैनात एक गेटवे कर्मी (चश्मदीद) ने बताया कि 'मैंने देखा कि कुछ लड़के एक बच्चे को घायल अवस्था में उठाकर ला रहे थे. मैंने तुरंत उसे वहां से रिसीव किया, ई-रिक्शा में बैठाया और अस्पताल की तरफ भागा. पहले हम उसे पास के अस्पताल ले गए, जहां से उसे उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया.'

पार्क सील, 2 लोग गिरफ्तार

हादसे के बाद हरकत में आई पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 'परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेफ्टी इंचार्ज और चौपाटी मैनेजर को हिरासत में ले लिया है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.' वहीं, इस गंभीर लापरवाही पर आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम. अरुण मोली ने कड़ा रुख अपनाया है. एडीए ने पूरे चौपाटी परिसर को अग्रिम आदेश तक बंद कर मुख्य गेट और टिकट काउंटर पर ताला जड़ दिया है. हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जिसे 2 दिन के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए हैं.

एडवेंचर स्पोर्ट्स के नाम पर सुरक्षा से खिलवाड़?

इस घटना ने शहरों में चल रहे एम्यूजमेंट और एडवेंचर पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. पहाड़ों की तर्ज पर शहरों के पार्कों में जिप लाइन जैसी खतरनाक राइड्स तो शुरू कर दी गई हैं. लेकिन सुरक्षा मानकों जैसे- हेलमेट, हारनेस, ग्लव्स और प्रॉपर लॉकिंग सिस्टम की चेकिंग को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा.