गाजीपुर के 'फाटक' पर आधी रात को भारी पुलिस फोर्स की दबिश, अब्बास अंसारी को मिला अल्टीमेटम

गाजीपुर में सुप्रीम कोर्ट की 3 दिन की मियाद खत्म होने के बाद भी रुके रहे अब्बास अंसारी. देर रात भारी पुलिस बल ने मोहम्मदाबाद फाटक आवास पर दिया नोटिस, 1 दिन की मिली मोहलत.

यूपी तक

• 04:26 PM • 25 May 2026

follow google news

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित अंसारी परिवार के पैतृक आवास 'फाटक' पर देर रात अचानक सरगर्मी बढ़ गई. गैंगस्टर एक्ट के मामले में जेल में बंद अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से केवल 3 दिन के लिए गाजीपुर में रुकने की अनुमति मिली थी. पुलिस के मुताबिक, यह तय समय सीमा समाप्त हो चुकी है, जिसके बाद भी अब्बास अंसारी ने फाटक आवास पर रहना जारी रखा. इसी खुफिया इनपुट के आधार पर आधी रात को भारी पुलिस बल के साथ स्थानीय प्रशासन ने मौके पर जाकर नोटिस थमाया.

यह भी पढ़ें...

आधी रात को सीओ और विधायक के बीच हुई तीखी बहस

पुलिस की इस औचक कार्रवाई के दौरान मौके पर अब्बास अंसारी के चचेरे भाई और सपा विधायक शोएब अंसारी उर्फ मन्नू अंसारी भी मौजूद थे. देर रात हुई इस घेराबंदी के बाद पुलिस उपाधीक्षक (CO) और विधायक शोएब अंसारी के बीच काफी देर तक तीखी बातचीत और बहस हुई. अब्बास अंसारी ने पुलिस अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि उनके पास कोर्ट की वैध अनुमति का प्रपत्र (दस्तावेज) मौजूद है, जिसे वे जल्द ही पुलिस के सामने पेश करेंगे.

पुलिस का सख्त रुख, कोर्ट का आदेश दिखाओ या 'फाटक' खाली करो

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अब्बास अंसारी और उनके परिवार को दो टूक अल्टीमेटम दे दिया है. पुलिस ने कहा है कि यदि अब्बास अंसारी के पास सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट का कोई नया आदेश पत्र या स्टे ऑर्डर है, तो उसे तत्काल पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराएं. ऐसा न होने की स्थिति में उन्हें तुरंत 'फाटक' आवास खाली करना होगा. पुलिस ने इस पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है और वैध दस्तावेज दिखाने के लिए अंसारी परिवार को केवल 1 दिन की मोहलत दी है.

यूपी की सियासत और कानूनी व्यवस्था के बीच नई चुनौती

गाजीपुर का यह 'फाटक विवाद' इस समय पूरे उत्तर प्रदेश के सियासी और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले का असर पूर्वांचल के राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर यूपी पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका के आदेशों के पालन की बड़ी चुनौती शामिल है. अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि 1 दिन की मोहलत के भीतर अब्बास अंसारी कोर्ट का कौन-सा नया आदेश पेश करते हैं या फिर पुलिस आगे क्या कड़ा कानूनी कदम उठाती है.