MP-MLA सेशन कोर्ट से लगा आजम खान को तगड़ा झटका, पैन कार्ड केस में 7 साल की सजा बढ़कर हुई 10 साल

Azam Khan Case: एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान को बड़ा झटका देते हुए उनकी सजा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है और जुर्माना भी बढ़ा दिया है. वहीं अब्दुल्ला आजम खान की सजा बरकरार रखते हुए उनके जुर्माने में बढ़ोतरी की गई है.

यूपी तक

• 11:13 AM • 24 May 2026

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Azam Khan Case: उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में एक और बड़ा झटका लगा है. एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उनकी सजा को बढ़ा दिया है. पहले जहां इस मामले में सजा को लेकर अपील लंबित थी, वहीं अब अदालत ने राज्य पक्ष की अपील को स्वीकार करते हुए आजम खान की सजा बढ़ाने का फैसला सुनाया है. इसके साथ ही बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़ा फैसला भी सामने आया है, जिसमें उनकी सजा तो बरकरार रखी गई है लेकिन जुर्माने में बढ़ोतरी की गई है.

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7 साल की सजा अब बढ़ी 

कोर्ट के फैसले के अनुसार आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को पहले 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी, साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था. लेकिन अब अदालत ने इस मामले में बड़ा बदलाव करते हुए आजम खान की सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया है. इसके साथ ही उन पर लगाया गया जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं अब्दुल्ला आजम खान को मिली 7 साल की सजा को बरकरार रखा गया है, लेकिन उनके जुर्माने को 50 हजार से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है.

अभियोजन पक्ष की दलील और कोर्ट की सहमति

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में अधिकतम सजा का प्रावधान है और आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है. अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर यह मामला गंभीर है. अदालत ने राज्य की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए सजा बढ़ाने का आदेश दिया, जबकि बचाव पक्ष की अपील को खारिज कर दिया गया.

किन धाराओं में क्या सजा हुई

कोर्ट ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत फैसला सुनाया है. इन धाराओं में आजम खान को कुल 10 साल की सजा और भारी जुर्माना दिया गया है, जबकि अब्दुल्ला आजम खान को 7 साल की सजा और 3 लाख रुपये जुर्माने का दंड मिला है. जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान रखा गया है.

मामला कैसे शुरू हुआ था

यह पूरा मामला साल 2019 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम खान ने दो अलग-अलग जन्मतिथि के साथ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे. जांच के दौरान इसमें आजम खान की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद दोनों को आरोपी बनाया गया. बाद में ट्रायल कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई थी, जिसे अब अपील कोर्ट ने संशोधित कर दिया है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

फैसले के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने इसे कानून के पालन की जीत बताया है और कहा है कि यह फैसला एक सख्त संदेश देता है. वहीं इस मामले को 2027 विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां रामपुर की सियासत पर इसका असर पड़ सकता है. अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

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