UP STF raid: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के सपनों को झकझोर देने वाला बड़ा मामला सामने आया है. एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से धांधली करने वाले एक संगठित गैंग का उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है. यह गिरोह प्रॉक्सी सर्वर और स्क्रीन शेयरिंग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके परीक्षा में नकल कराता था. इस पूरे मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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कैसे चल रहा था नकल का पूरा खेल?
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि यह गैंग सीधे सिस्टम को हैक नहीं करता था, बल्कि प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करके परीक्षा में सेंध लगाता था. ग्रेटर नोएडा से संचालित इस नेटवर्क में परीक्षा केंद्र के भीतर छिपे हुए लैपटॉप और डिवाइस लगाए जाते थे, जिन्हें कहीं ड्रॉअर के अंदर और कहीं टेबल के नीचे छुपाया जाता था.
इन प्रॉक्सी सर्वरों के जरिए परीक्षा के प्रश्न बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाए जाते थे. सॉल्वर उन प्रश्नों को हल करके स्क्रीन शेयरिंग एप्लीकेशन के माध्यम से अभ्यर्थियों तक सही उत्तर भेजता था, जिससे उम्मीदवार आसानी से परीक्षा पास कर लेते थे.
कौन-कौन आरोपी गिरफ्तार हुए?
एसटीएफ ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार शामिल हैं.
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था और लंबे समय से इस तरह की धांधली में सक्रिय था. उसने “बालाजी डिजिटल जोन” नाम से एक परीक्षा केंद्र भी बना रखा था, जहां एडिक्वेटी कंपनी के माध्यम से परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं.
हर अभ्यर्थी से वसूले जाते थे लाखों रुपये
सूत्रों के अनुसार, इस गैंग द्वारा प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर करीब 4 लाख रुपये तक वसूले जाते थे. यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम करता था और परीक्षा में चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर बड़ी रकम ऐंठता था.
बरामदगी में मिले कैश, लैपटॉप और दस्तावेज
एसटीएफ की टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से लगभग 50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं. इन सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है.
अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस और एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गैंग के जरिए अब तक कितने अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया गया. साथ ही उन सभी उम्मीदवारों की भी जांच की जा रही है जिन्होंने इस प्रॉक्सी सिस्टम के जरिए परीक्षा दी थी.
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
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