Jhansi News: झांसी के इमलिया गांव में जमीन अधिग्रहण के बाद एक परिवार के टूटने की दर्दनाक कहानी सामने आई है. बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहित किए जाने के बाद परिवार को मुआवजे की राशि दी गई, जिससे उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ गया. इसी मुआवजे में नीलष परिहार को करीब ₹25 लाख का हिस्सा मिला, जिसके बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिला और पहले सामान्य जीवन जीने वाला यह परिवार धीरे-धीरे तनाव और तकरार की स्थिति में पहुंच गया.
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पीड़िता रुचि परिहार का आरोप है कि मुआवजे की राशि मिलने के बाद उसका पति नीलष परिहार बदल गया और एक अन्य महिला के संपर्क में आकर परिवार से दूरी बनाने लगा. आरोप है कि नीलष ने न केवल पत्नी और बेटे से संबंध तोड़ दिए, बल्कि रुचि को मायके में रहने के लिए मजबूर कर दिया. इसके बाद वह अपने बच्चे की जिम्मेदारी भी नहीं उठा रहा और परिवार से पूरी तरह अलग हो गया है.
इस मामले में रुचि परिहार ने रक्सा थाने में शिकायत दर्ज कराई है और अपने पति की तलाश के साथ न्याय की मांग की है. वह अपने बेटे के सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित है और लगातार न्याय की गुहार लगा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह पूरा मामला दिखाता है कि कैसे अचानक मिली बड़ी धनराशि कई बार रिश्तों में दरार और पारिवारिक विवाद का कारण बन जाती है.
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