यूपी पुलिस दरोगा भर्ती में बड़ा झटका! भर्ती बोर्ड के जवाब से अभ्यर्थी नाराज, स्कोर कार्ड को लेकर सोशल मीडिया पर मचा बवाल...

UP Police SI Recruitment 2025: यूपी पुलिस दरोगा भर्ती 2025-26 को लेकर अभ्यर्थियों की मांगों और भर्ती बोर्ड के जवाब पर नया विवाद खड़ा हो गया है. IGRS शिकायत के जवाब में भर्ती बोर्ड ने 4543 पदों में बढ़ोतरी और वेटिंग लिस्ट से इनकार कर दिया, जबकि स्कोर कार्ड जारी करने के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी लगातार पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं.

यूपी तक

• 09:30 AM • 22 May 2026

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UP Police SI Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (UPSI) भर्ती 2025-26 एक बार फिर चर्चा में है. इस बार विवाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई मांगों और उस पर भर्ती बोर्ड के जवाब को लेकर खड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से एक IGRS शिकायत के जवाब की काफी चर्चा हो रही है, जिसे हजारों अभ्यर्थी शेयर कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए स्कोर कार्ड जारी किया जाए, पदों की संख्या बढ़ाई जाए और अंतिम चयन के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरा जाए. वहीं भर्ती बोर्ड ने अपनी प्रतिक्रिया में कुछ मांगों को लेकर स्थिति साफ कर दी है. यूपी पुलिस SI भर्ती 2025 के तहत कुल 4543 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है.

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क्या थीं अभ्यर्थियों की तीन बड़ी मांगें?

कुछ अभ्यर्थियों ने अप्रैल 2026 में IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर तीन प्रमुख मांगें रखी थीं. पहली मांग थी कि वर्तमान 4543 पदों की संख्या को बढ़ाकर कम से कम 6500 या 7000 किया जाए, ताकि अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके. दूसरी मांग थी कि लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के स्कोर कार्ड जारी किए जाएं, जिससे उम्मीदवार अपने प्रदर्शन को समझ सकें. तीसरी मांग यह थी कि अंतिम चयन परिणाम जारी होने के बाद यदि कोई पद खाली रह जाता है, तो उसे वेटिंग लिस्ट के माध्यम से भरा जाए. अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार देने के लिए यह जरूरी कदम हो सकता है.

भर्ती बोर्ड ने क्या दिया जवाब?

IGRS शिकायत पर भर्ती बोर्ड की ओर से 13 मई 2026 को प्रतिक्रिया दी गई. जवाब में स्पष्ट कहा गया कि उपनिरीक्षक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 के लिए 4543 पद विज्ञापित हैं और चयन प्रक्रिया नियमानुसार इन्हीं पदों के आधार पर की जाएगी. यानी पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया गया. इसके अलावा भर्ती बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया कि अंतिम चयन के बाद खाली पदों को भरने के लिए इस भर्ती में वेटिंग लिस्ट का कोई प्रावधान नहीं है. हालांकि अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग यानी स्कोर कार्ड जारी करने के सवाल पर भर्ती बोर्ड की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया, जिससे उम्मीदवारों में असंतोष बढ़ गया है.

स्कोर कार्ड को लेकर क्यों बढ़ रही मांग?

UPSI भर्ती परीक्षा 14 और 15 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी. परीक्षा से पहले और बाद दोनों समय अभ्यर्थी लगातार स्कोर कार्ड जारी करने की मांग करते रहे हैं. उनका कहना है कि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि वे चयन से कितने अंक पीछे रह गए और भविष्य में किस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है. कई प्रतियोगी शिक्षकों और कोचिंग विशेषज्ञों ने भी इसे अभ्यर्थियों का बुनियादी अधिकार बताया है. उनका तर्क है कि खासतौर पर ग्रामीण, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्र वर्षों मेहनत करते हैं और यदि चयन नहीं होता, तो स्कोर कार्ड उनके प्रदर्शन की वास्तविक स्थिति समझने में मदद कर सकता है.

5 साल बाद आई भर्ती में प्रतियोगिता रिकॉर्ड स्तर पर

अभ्यर्थियों का कहना है कि यूपी में SI भर्ती करीब पांच साल बाद आई है, जिसकी वजह से लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया. दावों के मुताबिक, इस भर्ती में लगभग 16 लाख आवेदन हुए और करीब 10.77 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. ऐसे में प्रतियोगिता बेहद कठिन रही. छात्रों ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अभी भी सब-इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं, जिन्हें वर्तमान भर्ती में पद वृद्धि करके भरा जा सकता है. इसके अलावा अभ्यर्थियों ने पिछली भर्ती की तुलना करते हुए कहा कि पहले अधिक पदों पर भर्ती हुई थी, जबकि इस बार पदों की संख्या काफी कम है, जिससे प्रतिस्पर्धा और ज्यादा बढ़ गई है.

सांसदों-विधायकों तक पहुंचा मामला

स्कोर कार्ड जारी करने की मांग अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है. अभ्यर्थी अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों तक भी चिट्ठियां भेज रहे हैं. कई उम्मीदवारों ने मांग की है कि रिजल्ट के दौरान नॉर्मलाइज्ड स्कोर और चयन कटऑफ सार्वजनिक की जाए, ताकि चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके. फिलहाल भर्ती बोर्ड ने स्कोर कार्ड पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन पद वृद्धि और वेटिंग लिस्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. ऐसे में अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर भर्ती बोर्ड के अगले कदम पर टिकी हुई है.

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