ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में एक विवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गरमाता जा रहा है. हर तरफ बस इसी बात की चर्चा है कि आखिर हंसती-खेलती और जिंदादिल दीपिका के साथ ऐसा क्या हुआ कि शादी के महज 14 महीनों के भीतर ही उसकी जिंदगी का इतना दर्दनाक अंत हो गया. इस मामले में पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में दीपिका के पति ऋतिक और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन इस बीच, एक पड़ोसी के चौंकाने वाले खुलासे ने इस पूरे केस को एक बिल्कुल अलग और नया एंगल दे दिया है. पड़ोसी का दावा है कि दोनों पति-पत्नी के बीच कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ बल्कि पढ़ी-लिखी बहू के लिए ससुर बकायदा एक नया स्कूल बनवा रहे थे. इस दावे के बाद मौत के पीछे छिपे रिश्तों की गुत्थी और भी ज्यादा उलझ गई है.
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पड़ोसी गुलजार चौधरी का चौंकाने वाला खुलासा
इस हाई-प्रोफाइल केस में दीपिका नागर के एक पड़ोसी गुलजार चौधरी मीडिया के सामने आए हैं. उन्होंने दीपिका और ऋतिक के रिश्तों को लेकर जो बातें बताईं वो हैरान करने वाली हैं. गुलजार ने बताया कि 'हमने कभी दीपिका का चेहरा ठीक से नहीं देखा था, कल न्यूज़ में ही उनकी पहली तस्वीर देखी क्योंकि वह हमेशा बहुत अच्छे तरीके से घूंघट करके ही बाहर जाती थीं. ऋतिक भी बहुत अच्छे व्यवहार का लड़का है. दरअसल दीपिका ने बीएड (B.Ed) कर रखा था और वह काफी पढ़ी-लिखी थीं, जबकि ऋतिक उतना पढ़ा-लिखा नहीं था. गांव में सबने सुना था कि पढ़ी-लिखी बहू के आने की खुशी में उसके ससुर एक स्कूल बनवा रहे थे. पहले वे किराए पर स्कूल चलवाते थे. लेकिन बहू के लिए उन्होंने वहां दोबारा कंस्ट्रक्शन शुरू करवाया ताकि अच्छे तरीके से उसकी मान्यता ली जा सके और बहू उसे संभाले.'
गुलजार ने यह भी बताया कि वह ऋतिक और दीपिका की शादी में गए थे जो कि बहुत ही शानदार और धूमधाम से हुई थी. घटना के वक्त के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने ऋतिक और उसकी बहन को ही सीढ़ियों पर बदहवास देखा था. ऊपर घर में कोई दूसरा बाहरी व्यक्ति मौजूद नहीं था।
1 करोड़ की भारी-भरकम शादी और दहेज का खूनी आरोप
पड़ोसी के इस सकारात्मक दावे के उलट दीपिका के मायके वालों की कहानी कुछ और ही बयां करती है. दीपिका मूल रूप से कुड़ी गांव की रहने वाली थी और करीब डेढ़ साल (14 महीने) पहले उसकी शादी जलपुरा के ऋतिक से हुई थी. परिवार का आरोप है कि उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर इस शादी में करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे और भारी दान-दहेज दिया था.
मायके वालों के मुताबिक, शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक तो सब कुछ सामान्य और ठीक-ठाक रहा. लेकिन धीरे-धीरे ससुराल पक्ष की मांगें बढ़ने लगीं और दीपिका पर दबाव बनाया जाने लगा. आरोप है कि फॉर्च्यूनर गाड़ी और अतिरिक्त दहेज के लिए दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. बेटी अक्सर परेशान रहती थी. लेकिन समाज और लोक-लाज के डर से वह सब कुछ चुपचाप सहती रही और आखिरकार बात इस दर्दनाक मुकाम तक पहुंच गई.
फिलहाल, एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह से तबाह हो चुका है. जिस बेटी को मां-बाप ने इस उम्मीद के साथ इतने चाव से विदा किया था कि वह अपने ससुराल में राज करेगी, आज उसी बिटिया की मौत खुद एक गहरा राज बन चुकी है. एक तरफ जहां मायके पक्ष के प्रताड़ना के गंभीर आरोप हैं और पति-ससुर सलाखों के पीछे हैं. वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी का यह दावा कि ससुराल वाले बहू के करियर के लिए स्कूल बनवा रहे थे. पुलिस तफ्तीश के लिए एक बड़ा पहेली बन गया है. अब देखना होगा कि पुलिसिया जांच में इस मौत का असली सच कब तक सामने आता है.
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