लेखपाल भर्ती मामले पर सपा नेता नवीन सर समेत 4 लोगों पर नामजद मुकदमा!

यूपी लेखपाल परीक्षा में पेपर लीक की अफवाहों पर मुकदमा दर्ज हुआ है. समाजवादी पार्टी के नेता नवीन शर्मा भी आरोपित हैं. यूपीएससी ने परीक्षा को निष्पक्ष बताया है.

यूपी तक

• 04:21 PM • 26 May 2026

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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर पेपर लीक और धांधली की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस गया है. परीक्षा नियंत्रक सुभाष चंद्र प्रजापति की तहरीर पर लखनऊ के विभूति खंड थाने में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और शिक्षक नवीन शर्मा समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. आयोग का आरोप है कि इन लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का दुरुपयोग कर परीक्षा की चयन प्रक्रिया को दूषित करने, अभ्यर्थियों को भड़काने और उत्तर प्रदेश शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है. इस कार्रवाई के बाद से राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है.

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21 मई की परीक्षा और सोशल मीडिया पर वायरल दावे

उत्तर प्रदेश में 21 मई 2026 को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे के बीच लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर संचालित हुई थी. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद लखनऊ, देवरिया और मुजफ्फरनगर के कुछ परीक्षा केंद्रों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. इन वीडियो में दावा किया गया कि अभ्यर्थी तय समय से एक से दो घंटे की देरी से परीक्षा केंद्र से बाहर निकल रहे हैं, जिसे आधार बनाकर इंटरनेट पर पेपर लीक और नकल माफियाओं के सक्रिय होने के आरोप लगाए जाने लगे.

UPSSSC और लखनऊ पुलिस का एक्शन, दर्ज हुई FIR

सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रहे इस नैरेटिव को गंभीरता से लेते हुए 25 मई को UPSSSC और लखनऊ पुलिस एक्शन मोड में आई। आयोग के परीक्षा नियंत्रक सुभाष चंद्र प्रजापति की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. पुलिस के अनुसार 'लेखपाल परीक्षा 2026 की चयन प्रक्रिया को दूषित करने, अभ्यर्थियों के बीच न्यूसेंस (असंतोष) उत्पन्न करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और शासन की छवि धूमिल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का दुरुपयोग किया गया.'

इस मामले में लखनऊ के विभूति खंड थाने में सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और गलत सूचनाएं फैलाने के आरोप में BNS की धारा 221, 292 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. इसमें शिक्षक नवीन शर्मा, अमित पांडे, रोहित डांगर और शिव सिंह को नामजद किया गया है.

सबसे चर्चित नाम

इस पूरे मुकदमे में सबसे ज्यादा चर्चा जीएस (GS) और हिंदी के शिक्षक नवीन शर्मा की हो रही है. नवीन शर्मा ने इसी साल 22 फरवरी 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने सपा की सदस्यता ग्रहण की थी और वे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में भी जुटे थे. उनके एक्स (ट्विटर) हैंडल के मुताबिक, उन्होंने 24 मई को एक पोस्टर साझा करते हुए लिखा था '25 मई को सुबह 11:00 बजे #लेखपाल_एग्जाम_इन्वेस्टिगेशन के साथ हमें फिर से कल Twitter पर ट्वीट करना है और इसे नंबर वन ट्रेंड करवाना है. बहरी हो चुकी सरकार और यूपी ट्रिपल एससी आयोग के कानों में अपनी आवाज को पहुंचाना है, क्योंकि आयोग अभी भी पेपर लीक और धांधली को भ्रामक एवं असत्य मान रहा है. जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक नकल माफियाओं का पता नहीं चलेगा.'

नवीन शर्मा के इसी आह्वान के बाद सोशल मीडिया पर इस हैशटैग को बड़े पैमाने पर ट्रेंड कराया गया था, जिसे आयोग ने भड़काऊ और भ्रामक माना'

आयोग का पक्ष: परीक्षा पूरी तरह सुचितापूर्ण और पारदर्शी

कार्रवाई के साथ ही UPSSSC ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष बेहद साफ कर दिया है. आयोग के अनुसार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और निर्विघ्न ढंग से संपन्न हो चुकी थी और आयोग सोशल मीडिया के कतिपय तत्वों की गलत मंशा पर लगातार नजर रख रहा था.

परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट शब्दों में कहा "सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ व्यक्तियों द्वारा गलत मंशा से प्रेरित होकर परीक्षा की शुचिता को लेकर भ्रामक विश्लेषण और प्रचार किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह आपत्तिजनक है. अभ्यर्थी ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. गुमराह करने और भड़काने वालों के खिलाफ आयोग और पुलिस प्रशासन आगे भी ऐसी ही कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रखेगा."