जौनपुर में रवि यादव का एनकाउंटर होते ही अखिलेश यादव ने भी दे दिया तगड़ा रिएक्शन

जौनपुर में रवि यादव के एनकाउंटर ने विवाद पैदा कर दिया है। परिवार ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

यूपी तक

• 03:48 PM • 26 May 2026

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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई एक कथित मुठभेड़ ने राज्य में बड़ा सियासी बवाल खड़ा कर दिया है. 1 मई को दूल्हे (आजाद बिंद) की हत्या के मामले में एक लाख रुपये के इनामी आरोपी रवि यादव के एनकाउंटर पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मृतक रवि के परिजनों ने पुलिस पर 'जाति' देखकर फर्जी एनकाउंटर करने का सीधा आरोप लगाया है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इस मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है. इस एनकाउंटर ने एक बार फिर सुल्तानपुर के मंगेश यादव एनकाउंटर जैसी राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या अखिलेश यादव इस मामले में भी बड़ा मोर्चा खोलने जा रहे हैं.

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परिजनों का आरोप

एनकाउंटर के बाद से ही रवि यादव के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे पुलिसिया कार्रवाई पर लगातार तीखे सवाल उठा रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल बयानों में परिवार का साफ कहना है कि यह पूरी तरह से एक फर्जी एनकाउंटर है. 

क्या था पूरा मामला?

इस पूरे विवाद की जड़ें 1 मई को हुई एक सनसनीखेज वारदात से जुड़ी हैं. जौनपुर के सराय ख्वाजा इलाके के रहने वाले आजाद बिंद जब दूल्हा बनकर फूलों से सजी कार में अपनी बारात लेकर निकले थे, तभी रास्ते में उनकी कार को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. इस अचानक हुई फायरिंग में बारात में भगदड़ मच गई और दूल्हे आजाद बिंद की मौके पर ही मौत हो गई.

पुलिसिया जांच में सामने आया कि लड़की का एक रिश्तेदार प्रदीप बिंद इस शादी से नाखुश था और उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार, 24 मई की रात खेतासराय के गोरारी इलाके में अपराधियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी. जब पुलिस बल द्वारा घेरेबंदी की जा रही थी, तब खुद को घिरा पाकर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि 'आत्मरक्षार्थ पुलिस बल द्वारा भी जवाबी फायरिंग की गई. इसमें एक बदमाश (रवि यादव) गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला. घायल बदमाश को तुरंत नजदीकी अस्पताल और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.'

ओपी राजभर और 'भोले राजभर' को लेकर उठे सवाल

रवि यादव के मारे जाने के बाद अब यह सवाल बड़ा हो गया है कि आखिर इस केस के अन्य मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर कब गिरफ्तार होंगे? रवि के परिजनों ने आरोप लगाया है कि भोले राजभर को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है. उनका कहना है कि कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का करीबी होने की वजह से पुलिस भोले राजभर पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और उसे व प्रदीप बिंद को जानबूझकर बचाया जा रहा है.

अखिलेश यादव का सरकार और मंत्री पर सीधा हमला

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सियासत बेहद तेज हो गई है. मृतक दूल्हे आजाद बिंद का परिवार लखनऊ में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलने पहुंचा, जहां अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर एक चेक सौंपा और हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा, "तुम लड़ो, तुम्हारे साथ हम हर तरीके से खड़े रहेंगे."

इसके तुरंत बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर 'अधूरे इंसाफ' को लेकर सरकार और संबंधित मंत्रियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए लिखा ''जिस एनकाउंटर के पीछे चले मर्जी समझो वो है फर्जी." लगातार उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटरों पर सवाल उठाने वाले अखिलेश यादव ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी बुलाई है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा शांत होने वाला नहीं है.