उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में 1 लाख रुपये के इनामी आरोपी रवि यादव के पुलिस एनकाउंटर ने अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है. इस एनकाउंटर के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. मृतक रवि यादव के परिजनों ने पुलिस पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि इस सरकार में 'यादव' होना गुनाह बन गया है. परिजनों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें शव तक नहीं सौंपने दिया और पोस्टमार्टम हाउस से सीधे रामघाट ले जाकर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया. इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर और जातिगत राजनीति की बहस को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है.
ADVERTISEMENT
"हाथ जोड़ते रहे, पर पुलिस ने शव घर नहीं ले जाने दिया"
एनकाउंटर के बाद जौनपुर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर रवि यादव के परिजनों में भारी आक्रोश है. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा और जाति से प्रेरित है. मृतक रवि यादव की बहन और अन्य परिजनों ने चीखते हुए आरोप लगाया 'बिल्कुल यादव होने की वजह से ऐसा हो रहा है. सीधा-सीधा जातिवाद है. इस सरकार में यादव होना गुनाह है। हम लोग पोस्टमार्टम हाउस पर हाथ जोड़ते रहे, मिन्नतें करते रहे, लेकिन पुलिस ने हमें शव तक नहीं दिया और कहा कि हम अपने तरीके से करेंगे. वे शव को सीधे रामघाट ले गए और जबरन मुखाग्नि दिलवा दी. जब हमारे घर की महिलाएं घाट पर विरोध करने पहुंचीं, तो पुलिस ने उनके साथ नोकझोंक और बदसलूकी की.'
"हमें प्रशासन से सबूत चाहिए"
परिजनों ने पुलिस की मुठभेड़ की थ्योरी को खारिज करते हुए कहा कि उनके भाई के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था. उन्होंने कहा 'हमारे भाई को बेकसूर मार दिया गया. इस केस में छह लोग नामजद हैं, तो बाकी को क्यों छोड़ दिया गया? अगर पुलिस सही है, तो बाकी आरोपियों का भी फुल एनकाउंटर होना चाहिए. हमारे भाई पर कई हत्याओं के जो झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, पुलिस उसके सबूत दिखाए.'
ढोल-नगाड़ों के बीच जब दूल्हे को मारी गई थी गोली
इस पूरे खूनी खेल की शुरुआत 1 मई को हुई थी. जौनपुर के सराय ख्वाजा इलाके के रहने वाले आजाद बिंद दूल्हा बनकर बारात लेकर खेतासराय जा रहे थे. घर में जश्न का माहौल था और बारात में ढोल-नगाड़े बज रहे थे. लेकिन जैसे ही बारात खेतासराय इलाके में पहुंची, पहले से घात लगाए बदमाशों ने फूलों से सजी दूल्हे की कार को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
एक गोली सीधे आजाद बिंद के सीने में और दूसरी उनके जबड़े में जा धंसी. इस हमले से पूरी बारात में भगदड़ मच गई. घायल दूल्हे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस दुस्साहसिक हत्याकांड से पूरा इलाका हिल गया और पुलिस पर भारी दबाव बन गया.
शादी से नाराजगी और 1-1 लाख का इनाम
पुलिसिया तफ्तीश में सामने आया कि लड़की का एक रिश्तेदार प्रदीप बिंद इस शादी से सख्त नाराज था. आरोप लगा कि उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर को मुख्य आरोपी बनाते हुए तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.
पुलिस मुठभेड़ का दावा
पुलिस के मुताबिक, 24 मई की रात खेतासराय के गोरारी इलाके में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध आते दिखे. जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग झोंक दी.
इलाके में तनाव
फिलहाल इस एनकाउंटर और उसके बाद जबरन किए गए अंतिम संस्कार के आरोपों के बाद जौनपुर में माहौल बेहद गर्म है. एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई को कानून सम्मत और सही ठहरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित परिवार और विपक्ष इसे 'टारगेटेड किलिंग' और अन्याय बता रहा है. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस हाई-प्रोफाइल केस के बाकी फरार आरोपी प्रदीप बिंद और भोले राजभर कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं.
ADVERTISEMENT









